विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैल रहे इबोला संक्रमण को “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न” घोषित कर दिया है। 21 मई 2026 तक दोनों देशों के स्वास्थ्य मंत्रालयों के अनुसार कुल 575 संदिग्ध मामले, 51 पुष्ट संक्रमण और 148 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। हालांकि WHO का कहना है कि फिलहाल इस संक्रमण के वैश्विक महामारी बनने की आशंका नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में संक्रामक बीमारियों के लगातार बढ़ते प्रकोप ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

इबोला एक बेहद संक्रामक और घातक वायरल बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैल सकती है। संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से यह बीमारी तेजी से फैलती है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी और कई मामलों में रक्तस्राव शामिल हैं। मध्य और पश्चिम अफ्रीका में इबोला के प्रकोप पहले भी सामने आते रहे हैं। 2014 से 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में फैले सबसे बड़े इबोला संकट में 28 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए थे और 11 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

इस बार संक्रमण का कारण “बुंडीबुग्यो” स्ट्रेन बताया जा रहा है, जो पिछले एक दशक से सामने नहीं आया था। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी मृत्यु दर लगभग 30 प्रतिशत तक हो सकती है। स्थिति को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इस स्ट्रेन के लिए अभी कोई विशेष वैक्सीन या प्रभावी एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा यह प्रकोप संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में फैल रहा है, जहां विस्थापन और सीमापार आवाजाही के कारण निगरानी, संपर्क खोज और इलाज में भारी मुश्किलें आ रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया में संक्रामक रोगों के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण हैं, जिनमें तेज वैश्विक यात्रा, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई और वन्यजीव व्यापार शामिल हैं। इससे इंसानों और जानवरों के बीच संपर्क बढ़ रहा है, जिससे नए वायरस के फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, खराब स्वच्छता, युद्ध और बढ़ती एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस भी इन संकटों को नियंत्रित करना कठिन बना रही हैं।

WHO ने कहा है कि इस संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, मजबूत निगरानी तंत्र, प्रभावी रोकथाम रणनीतियां और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल समर्थन देना बेहद जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *