अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान में जारी युद्ध को खत्म कराने के लिए बातचीत इस सप्ताह फिर से शुरू हो सकती है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब क्षेत्र में दो हफ्ते का युद्धविराम अगले सप्ताह समाप्त होने वाला है और हालिया गतिरोध ने उसकी स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले शनिवार इस्लामाबाद में हुई वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी, जिससे तनाव और बढ़ गया। इसी बीच ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “आपको वहीं, यानी इस्लामाबाद में रुकना चाहिए, क्योंकि अगले दो दिनों में कुछ हो सकता है, और हमारा झुकाव भी वहीं जाने का ज्यादा है।” उनके इस बयान को बातचीत बहाल होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय सामने आई, जब अमेरिकी सेना ने दावा किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकेबंदी लागू होने के पहले 24 घंटों के दौरान वहां से कोई भी जहाज नहीं गुजरा। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है, इसलिए इसके ठप होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चिंता बढ़ गई है।
हालिया गतिरोध ने अगले सप्ताह खत्म होने जा रहे दो हफ्ते के युद्धविराम की स्थिरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जल्द बातचीत दोबारा शुरू नहीं होती, तो क्षेत्र एक बार फिर व्यापक सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकता है।
ईरान की ओर से फिलहाल ट्रंप के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि बातचीत दोबारा शुरू होने की “काफी ज्यादा संभावना” है। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि कूटनीतिक स्तर पर प्रयास अभी भी जारी हैं और आने वाले कुछ दिन इस संकट की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।