इज़राइल ने अवैध कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपल्कर को गुरुवार से दोबारा खोलने का ऐलान किया है। कई हफ्तों से बंद पड़े इन दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों को अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। यह बंदी ऐसे समय लागू की गई थी जब ईद और ईस्टर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर भी इसी दौरान आए।

इज़राइली पुलिस ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि होम फ्रंट कमांड के नए सुरक्षा दिशानिर्देशों के बाद गुरुवार सुबह 9 अप्रैल से दोनों पवित्र स्थलों को फिर से खोला जाएगा। पुलिस के मुताबिक, यरुशलम के पुराने शहर और इन स्थलों तक जाने वाले रास्तों पर सैकड़ों पुलिसकर्मी और बॉर्डर गार्ड तैनात किए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वहीं, इस्लामिक वक्फ विभाग ने भी पुष्टि की है कि अल-अक्सा मस्जिद को फज्र की नमाज के लिए खोला जाएगा। विभाग ने कहा कि सभी लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

इज़राइली प्रशासन ने 28 फरवरी से इन दोनों स्थलों को बंद कर रखा था। उस समय तर्क दिया गया था कि इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के दौरान बड़े धार्मिक जमावड़ों को रोकना जरूरी है। इसी वजह से इस साल अल-अक्सा में ईद-उल-फितर की नमाज भी नहीं होने दी गई, जो 1967 में पूर्वी यरुशलम पर इज़राइली कब्जे के बाद पहली बार हुआ।

धार्मिक स्थलों के दोबारा खुलने को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि सुरक्षा बलों की भारी तैनाती यह भी दिखाती है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *