ईरान ने अमेरिका और इज़राइल पर तेहरान के बीचोंबीच स्थित एक ऐतिहासिक यहूदी उपासना स्थल को नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि अमेरिकी-इज़राइली सैन्य कार्रवाई के दौरान राजधानी तेहरान में स्थित ऐतिहासिक रफ़ीइनिया सिनेगॉग को ध्वस्त कर दिया गया और वहां रखे तोराह स्क्रॉल्स का भी अपमान किया गया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बक़ाई ने इस घटना को “घृणित युद्ध अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला ऐसे समय किया गया, जब यहूदी समुदाय के धार्मिक अवकाश चल रहे थे। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक इमारत का विनाश नहीं, बल्कि धार्मिक विरासत और ईरान की साझा सांस्कृतिक पहचान पर हमला है।

बक़ाई ने कहा कि इस घटना की जानकारी ईरानी संसद में यहूदी समुदाय के प्रतिनिधि होमायून सामेयह ने दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पवित्र तोराह ग्रंथों का अपमान पूरे धार्मिक समुदाय के लिए बेहद पीड़ादायक है।

ईरान ने अमेरिका और इज़राइल की इस कथित संयुक्त कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का खुला उल्लंघन बताया है। तेहरान का कहना है कि युद्ध के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आता है।

यह आरोप ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बावजूद क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है। इस घटना से शांति प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।