Sun. Apr 21st, 2024

आज दोपहर के बाद से ही लखनऊ के सामाजिक-राजनीतिक सर्किल में रिहाई मंच के संस्थापक और वरिष्ठ अधिवक्ता मुहम्मद शोएब (Rihai Manch Mohd Shoeb) की गिरफ़्तारी की चर्चा होने लगी। हालाँकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। ख़बर के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने रविवार को पूरे राज्य में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन पीएफ़आई से जुड़े होने के संदेह पर 70 व्यक्तियों को थाने लाकर पूछताछ की.

एटीएस ने दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ़्तार भी किया है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक प्रेस बयान में जानकारी दी है कि एटीएस ने रविवार को एक दिन के ‘विशेष गोपनीय अभियान में’ 20 ज़िलों में कार्रवाई की.

बयान के मुताबिक एटीएस ने छापेमारी के लिए 30 विशेष टीमों का गठन किया था.

इस बयान में कहा गया है कि एटीएस ने 50 हज़ार रुपये के इनामी दो अभियुक्तों परवेज अहमद और रईस अहमद को गिरफ़्तार किया है. इन्हें वाराणसी से गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस के मुताबिक एटीएस ने उत्तर प्रदेश के अलग अलग ज़िलों में पीएफ़आई से जुड़े रहे 211 संदिग्ध लोगों की पहचान की थी. इनमें से 70 लोगों को पूछताछ के लिए एटीएस यूनिट और थानों पर लाया गया है.

पुलिस के मुताबिक़, एटीएस ने जिन 20 ज़िलों से लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है, उनमें शामली में 11, ग़ाजियाबाद में 10, लखनऊ में नौ और वाराणसी में आठ लोग शामिल हैं.

इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील मोहम्मद शोएब की पत्नी मलका बी ने लखनऊ के अमीनाबाद पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी है और बताया है कि उनके पति को पुलिस की एक टीम पूछताछ के लिए ले गई है.

पुलिस ने समाचार एजेंसी बीबीसी को बताया कि एटीएस टीम लखनऊ में नौ लोगों को पूछताछ के लिए ले गई है लेकिन पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि मोहम्मद शोएब को भी एटीएस की टीम ले गई है.

मुहम्मद शोएब ‘रिहाई मंच’ नाम के संगठन के अध्यक्ष हैं. रिहाई मंच के जनरल सेक्रेट्री राजीव यादव ने दावा किया, “पुलिस ने मोहम्मद शोएब के वकील एबी सोलोमन को अनौपचारिक बातचीत में बताया है कि उन्हें एटीएस टीम अपने साथ ले गई है.”

हालांकि, पुलिस के किसी अधिकारी ने उनके दावे की पुष्टि नहीं की है.

मलका बी ने अमीनाबाद पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत में कहा है, “सुबह 7.15 बजे पुलिसकर्मियों का एक समूह आया और उनसे पूछताछ के लिए पुलिस थाना चलने की बात कही.”

मलका बी ने कहा कि उनके पति बीते कई सालों से हाई ब्लडप्रेशर के मरीज़ हैं और पिछले छह महीने से बीमार चल रहे हैं. उनकी दवा भी घर पर ही रह गई है और उनकी सेहत को लेकर वो चिंतित हैं.

मोहम्मद शोएब की पत्नी मलका बी ने कहा है कि उनके पति ने कुछ नहीं किया था और वो नहीं जानतीं कि पुलिस उन्हें क्यों लेकर गई है.

मलका बी ने वीडियो बयान में कहा है,”पुलिस वालों ने उनके पति से कहा कि अमीनाबाद पुलिस स्टेशन चलना है और पांच दस मिनट वापस आ जाएंगे.”

उन्होंने बताया कि शोएब अपने साथ मोबाइल लेकर गए थे और अब उनका फ़ोन स्विच ऑफ़ आ रहा है.

उन्होंने बताया, ‘पुलिस दल में तीन पुलिसकर्मी वर्दी में थे और सात लोग सिविल ड्रेस में थे. शोएब टॉयलेट गए और ब्रश किया, इस दौरान पुलिस वाले जल्दी करने को कहने लगे.’

मलका बी ने मुहम्मद शोएब को ले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी दिया है.

रिहाई मंच (Rihai Manch Mohd Shoeb) के संस्थापक शोएब ‘सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया’ से भी जुड़े हुए हैं. मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता संदीप पांडे भी इस संगठन से जुड़े हैं.

नागरिक संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान शोएब को दिसंबर 2019 में गिरफ़्तार किया गया था और 15 जनवरी 2020 को वो ज़मानत पर बाहर आए थे.

पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एटीएस ने लखनऊ (9), सीतापुर (1) बहराइच (2) बरलामपुर (1) बाराबंकी (3) सिद्धार्थनगर (1) देवरिया (2) वाराणसी (8) आज़मगढ़ (3) कानपुर (2) ग़ाजियाबाद (10) मेरठ (4) बुलंदशहर (1) सहारनपुर (1) शामली (11) मुजफ़्फ़्रनगर (3) मुरादाबाद (1) रामपुर बिजनौर (5) और अमरोहा (1) में कार्रवाई की.

विज्ञप्ति के अनुसार, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ जारी है, साथ ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों एवं उनके सोशल मीडिया एक्टिविटीज़ की जानकारी के लिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का डेटा विश्लेषण किया जा रहा है.

पुलिस ने कहा है कि पूछताछ और डेटा विश्लेषण के आधार पर अग्रिम क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी.

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