बलरामपुर के पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर के परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. रिज़वान ज़हीर और दामाद रमीज़ नेमत पूर्व चेयरमैन फ़िरोज़ पप्पू की हत्या के आरोप में जेल में हैं. रिज़वान ज़हीर की बेटी ज़ेबा रिज़वान भी जेल में थीं लेकिन उन्हें अदालत से ज़मानत मिल गई. ज़मानत के बाद रिज़वान परिवार कुछ रिलीफ़ महसूस कर रहा था लेकिन अब फिर ऐसी ख़बर आ गई है जो परिवार के लिए अच्छी नहीं कही जा सकती.

अब ख़बर है कि बाहुबली नेता रिज़वान ज़हीर की पत्नी हुमा रिज़वान के ऊपर भी एक मुक़दमा दर्ज हुआ है. 10 माह पूर्व एक कथित मामले में तुलसीपुर पुलिस ने रिजवान ज़हीर, उनकी पत्नी हुमा रिजवान और दामाद रमीज़ नेमत के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया है।

लोकल मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस के सूत्र बताते हैं कि पूर्व विधायक मशहूद ख़ान के छोटे भाई महमूद ख़ान लिखित शिकायत दी है. इस शिकायत के मुताबिक़ ग्राम शीतलापुर में 27 सितम्बर 2021 को गाटा संख्या 260 और 298 में जमीन खरीदी जिसका बैनामा भी लिया। पूर्व विधायक के भाई की लिखित शिकायत के अनुसार गाटा संख्या 298 में ही पूर्व सांसद रिजवान जहीर खां की पत्नी सैयदा हुमा फ़ातिमा के नाम से जमीन ख़रीदी गई।

आरोपों के अनुसार अब्दुल महमूद खां और रिज़वान ज़हीर की पत्नी की जमीन अगल-बगल ही थी। जिस पर रिज़वान ज़हीर ने धीरे धीरे क़ब्जा शुरू कर दिया। पूर्व विधायक के भाई का आरोप है जब बैनामे की जमीन पर जबरन कब्जे का विरोध किया तो पूर्व सांसद ने जान से मारने की धमकी दी और जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि रिज़वान के क़ब्जे से अपनी जमीन को मुक्त कराने के लिए बातचीत के लिए 10 महीने पहले जब वह अपने भाई अब्दुल शहीद खां और रौशन को साथ लेकर ग्राम सीतलापुर रिज़वान जहीर की पत्नी सय्यदा हुमा फातिमा हुमा जहीर की कोठी पर पहुंचे तो कोठी पर मौजूद रिजवान जहीर उनके दामाद रमीज नेमत बैठे हुए थे।

पूर्व विधायक के भाई का आरोप है कि अपनी बैनामा की जमीन को कब्जा मुक्त करने की बात कही। जिसके बाद रिजवान और उनके दामाद रमीज ने गला दबाया और रिजवान जहीर ने सीने पर बंदूक रख कर जान से मारने की धमकी दी। रिज़वान ज़हीर के परिवार ने आरोपों को निराधार, सुनियोजित षड़यंत्र और फर्जी बताते हुए कहा कि निराधार और फ़र्ज़ी मुक़दमा दर्ज कराया गया है । सुनियोजित षड़यंत्र के तहत कूटराचित, तहरीर पर मामला दर्ज कराया है.

आपको बता दें कि अब्दुल मशहूद ख़ान और रिज़वान ज़हीर में पुरानी अदावत मानी जाती है. सालों पहले रिज़वान और मशहूद में दोस्ती थी और दोनों साथ थे. कहा जाता है कि रिज़वान ज़हीर के सहयोग से ही मशहूद ख़ान राजनीति में आए जबकि मशहूद के बड़े भाई ने ही रिज़वान को सियासत के मैदान में उतारा था. बाद में राजनीतिक स्थिति बदल गई और दोनों एक दूसरे के कट्टर विरोधी हो गए.

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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