रिज़वान ज़हीर के दामाद पर भी UP प्रशासन की कार्यवाई..

बलरामपुर के पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. तुलसीपुर नगर के पूर्व चेयरमैन फ़िरोज़ ख़ान पप्पू की हत्या के आरोप में रिज़वान ज़हीर, उनकी बेटी ज़ेबा रिज़वान और दामाद रमीज़ नेमत जेल में बंद हैं. रिज़वान ज़हीर को प्रशासन ने राज्य के टॉप दस गैंगस्टर में शुमार किया है.

इसके साथ ही रिज़वान की संपत्ति की कुर्की की भी ख़बर है. रिज़वान ज़हीर की बेटी ज़ेबा रिज़वान की ज़मानत हाई कोर्ट ने मंज़ूर कर दी थी लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन ने ज़ेबा पर रासुका लगाकर उनकी रिहाई मुश्किल कर दी. वहीं अब ख़बर है कि ज़ेबा के पति रमीज़ नेमत पर भी रासुका लगा दिया गया है.

रविवार को एसपी राजेश कुमार सक्सेना ने बताया कि डीएम श्रुति के आदेश पर जेल में बंद पूर्व सांसद के दामाद रमीज नेमत के ऊपर 11 जून को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई लोक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। रमीज जेल से छूटने का प्रयास कर रहा था। रासुका के कार्रवाई की प्रति रमीज को जेल में तामील करा दी गई है।

क्या था पूरा मामला?
समाजवादी पार्टी के नेता और तुलसीपुर नगर के पूर्व चेयरमैन फ़िरोज़ ख़ान पप्पू की 4 जनवरी की रात 11 बजे के बाद हत्या कर दी गई. ये हत्या उनके घर के पास ही हुई. इस हत्या से पूरे शहर में सनसनी फैल गई. पुलिस ने अपनी जांच की और पाया कि इस हत्या को रिज़वान ज़हीर, रमीज़ नेमत और ज़ेबा रिज़वान ने अंजाम दिया है. पुलिस ने दावा किया कि ये हत्या राजनीतिक द्वेष की वजह से की गई है.

पुलिस की मानें तो रिज़वान अपनी बेटी ज़ेबा रिज़वान के लिए सपा से तुलसीपुर विधानसभा का टिकट चाहते थे. वहीं फ़िरोज़ पप्पू भी टिकट के लिए सपा के बड़े नेताओं से मिल रहे थे. कुछ ही रोज़ पहले फ़िरोज़ पप्पू सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले थे. पुलिस ने अपने बयान में कहा था कि हत्या की वजह सपा के अन्दर टिकट को लेकर चल रही गुटबाज़ी है.

इस मामले के बाद सपा ने पूर्व विधायक अब्दुल मशहूद ख़ान को पार्टी का उम्मीदवार बनाया. ज़ेबा रिज़वान ने निर्दलीय पर्चा दाख़िल किया. ज़ेबा ने सहानुभूति कार्ड खेला जिसके बाद उन्हें जनता के एक पक्ष का समर्थन मिला. ज़ेबा चुनाव हार गईं लेकिन कैलाश नाथ शुक्ला के मुक़ाबले दूसरे स्थान पर रहीं. कैलाश नाथ शुक्ला भाजपा के नेता हैं.

जहाँ इस चुनाव के नतीजों ने ज़ेबा और रिज़वान ज़हीर की राजनीतिक हैसियत बचा ली वहीं चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रिज़वान और उनके परिवार पर कठोर कार्यवाई करना शुरू किया. रिज़वान की प्रॉपर्टी के बड़े हिस्से को ज़ब्त कर लिया गया है, लखनऊ और बलरामपुर ज़िले में स्थित संपत्ति की कुर्की भी हुई है. रिज़वान और ज़ेबा के बाद अब रमीज़ पर भी रासुका के तहत कार्यवाई कर दी गई है.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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