दिल्ली पुलिस की धक्कामुक्की में चिदम्बरम को लगी चोट! पसली में फ्रैकचर..

कांग्रेस पार्टी ने कल सत्याग्रह मार्च निकाला था. ये मार्च कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के समर्थन में निकाला गया था. राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुलाया गया था. इस सत्याग्रह मार्च में बड़े से लेकर छोटे हर कांग्रेसी नेता ने भाग लिया. पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदम्बरम ने भी इस मार्च में भाग लिया.

इस मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें धक्का दिया जिसके बाद उनका पसली में फ्रैकचर हो गया. चिदंबरम ने इस सिलसिले में ट्वीट किया कि वह भाग्यशाली हैं कि केवल एक संदिग्ध हेयरलाइन क्रैक से बच गए.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्विटर पर कहा, ” जब तीन मोटे पुलिसकर्मी आप से टकराते हैं, तो आप यकीनन भाग्यशाली होते हैं कि एक संदिग्ध हेयरलाइन क्रैक मात्र होकर रह जाता है. डॉक्टरों ने कहा है कि अगर हेयरलाइन में कोई क्रैक है, तो यह लगभग 10 दिनों में खुद ही ठीक हो जाएगा. साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि वह ठीक हैं और कल काम पर जाएंगे.”

कांग्रेस नेता रणदीप सूरजेवाला ने भी दावा किया कि कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के साथ पुलिस की धक्कामुक्की हुई. उनका चश्मा जमीन पर फेंका गया, उनकी बायीं पसलियों में हेयरलाइन फ्रैक्चर है.कांग्रेस का दावा है कि सोमवार को राहुल गांधी की प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के समक्ष पेशी पर पार्टी की ओर से निकाले गए विरोध मार्च के दौरान पुलिस की धक्कामुक्की में उसके कई नेताओं को चोटें आई हैं.

मुख्य विपक्षी दल के इस दावे पर फिलहाल दिल्ली पुलिस की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘‘पूरे दिन कांग्रेस के नेताओं पर जानलेवा हमला किया गया. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल पर जानलेवा हमला बोला गया. सांसद शक्ति सिंह गोहिल पर हमला हुआ. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीटा गया.”

उन्होंने यह भी दावा किया, ‘‘मोदी सरकार बर्बरता की हर हद पार कर गई. पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के साथ पुलिस की धक्कामुक्की हुई, चश्मा जमीन पर फेंका गया, उनकी बायीं पसलियों में हेयरलाइन फ्रैक्चर है. सांसद प्रमोद तिवारी को सड़क पर फेंका गया. सिर में चोट और पसली में फ्रैक्चर है.” सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘‘क्या यह प्रजातंत्र है? क्या विरोध जताना अपराध है?”

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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