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नियामे: पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामे में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह भारी गोलीबारी के बाद तख्तापलट की कोशिश की खबर सामने आई है। नाइजर की सैन्य सरकार ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों ने विद्रोही सैनिकों की कोशिश को नियंत्रित कर दिया है और राजधानी के प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है।

रिपोर्टों के मुताबिक, हथियारबंद सैनिकों ने राजधानी के हवाई अड्डे पर हमला किया और कुछ समय के लिए राष्ट्रीय टेलीविजन स्टेशन पर भी कब्जा कर लिया। घटनाक्रम पर नजर रखने वाले लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर सैनिक राष्ट्रपति भवन की ओर भी बढ़े, लेकिन उन्हें वहां पहुंचने से पहले ही पीछे धकेल दिया गया।

हमलावरों ने हवाई अड्डे पर मौजूद तुर्की निर्मित ड्रोन पर भी नियंत्रण करने की कोशिश की। इसके अलावा राष्ट्रीय टेलीविजन और रेडियो प्रसारण भी प्रभावित हुए।

नाइजर के रक्षा मंत्री जनरल सलीफू मोदी ने कहा कि देश के रक्षा और सुरक्षा बलों ने तेजी से कार्रवाई की और स्थिति पर नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांत रहने और अपुष्ट सूचनाएं फैलाने से बचने की अपील की है।

राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़े विद्रोही सैनिक

प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, विद्रोही सैनिकों ने नियामे के संवेदनशील इलाकों में गोलीबारी की और राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, सरकारी बलों ने उनका रास्ता रोक दिया।

नियामे में मौजूद एक विदेशी राजनयिक ने एक अख़बार को बताया कि तख्तापलट की कोशिश हुई थी, लेकिन सरकारी बल राजधानी के कुछ हिस्सों पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करने में सफल रहे। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कई घंटों तक भारी गोलीबारी हुई, हालांकि बाद में स्थिति शांत होने लगी।

सैन्य शासन के लिए नई चुनौती

जनरल अब्दुरहमान त्चियानी ने जुलाई 2023 में सैन्य तख्तापलट के जरिए तत्कालीन निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद बाजूम को सत्ता से हटाकर शासन अपने हाथ में लिया था।

इसके बाद नाइजर ने पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंधों में बड़ा बदलाव किया और रूस के साथ अपने संबंध मजबूत किए। नाइजर ने माली और बुर्किना फासो के साथ मिलकर Alliance of Sahel States भी बनाया है।

देश पहले से ही अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सशस्त्र समूहों की हिंसा से जूझ रहा है। ऐसे में सेना के भीतर से सामने आई कथित बगावत सैन्य सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती मानी जा रही है।

स्थिति पर बनी हुई है नजर

सरकार का कहना है कि विद्रोह या कथित तख्तापलट की कोशिश को विफल कर दिया गया है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में हताहतों की संख्या और गिरफ्तारियों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

नियामे में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

यह घटनाक्रम नाइजर में 2023 के सैन्य तख्तापलट के बाद सत्ता पर काबिज सैन्य शासन के सामने आई सबसे गंभीर आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में से एक हो सकता है।

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