तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में इस बार मुस्लिम प्रतिनिधित्व बढ़ता हुआ दिखाई दिया है। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, 234 सदस्यीय नई विधानसभा में कुल 9 मुस्लिम विधायक चुने गए हैं। यह संख्या 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में दो अधिक है, जब सात मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
इस बार अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) से सबसे अधिक तीन-तीन मुस्लिम विधायक चुने गए हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के दो और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल रहा।
टीवीके से जीतने वाले मुस्लिम विधायकों में आई. ताहिरा (रानीपेट), मोहम्मद फारवस जे. (अरंथांगी) और मदार बदरुद्दीन (मदुरै सेंट्रल) शामिल हैं। वहीं डीएमके से एम. थमीमुन अंसारी (चिदंबरम), एम.एच. जवाहिरुल्लाह (नागपट्टिनम) और एम. अब्दुल वहाब (पलायमकोट्टई) ने जीत दर्ज की।
आईयूएमएल की ओर से सैयद फारूक बाशा (वानीयंबाडी) और ए.एम. शाहजहां (पापनासम) विधानसभा पहुंचे हैं, जबकि कांग्रेस के टिकट पर जमाल मोहम्मद यूनूस (मयिलादुथुरै) विजयी हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति में मुस्लिम समुदाय की यह बढ़ती भागीदारी आने वाले समय में राज्य की चुनावी रणनीतियों और गठबंधनों को प्रभावित कर सकती है। खास तौर पर विजय की पार्टी टीवीके के लिए यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह उसका शुरुआती विधानसभा चुनाव था और पार्टी ने कई इलाकों में उल्लेखनीय समर्थन हासिल किया है।