एक ऐसा फल जिसे खाने से मिलती है चाली’स म’र्दों के बराबर ता’क़’त, पै’ग़म्बर मुहम्मद (स.अ.व.) ने फ़’रमाया… वीडियो देखें..

अस्सलाम ओ अलैकु’म अज़ीज़ दोस्तों, अल्ला’ह हर उस शख्स की मदद करता है जो दीन की राह में चलता है. हम कोशिश करते हैं कि अक्सर आपके लिए दीन की बात लेकर आयें. आज भी हम हाज़िर हैं दीन की एक बड़ी ज़रूरी बात को लेकर. आज हम जिस चीज़ की बात यहाँ करने जा रहे हैं वो है एक फल. हम आज आपको एक ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे हैं,जो अक्सर लोगों के लिए नया होगा। पर ये बहुत ही फ़ा’यदेमंद फल है.

इस फल की शक्ल बिलकुल सेब जैसी होती है. हालाँकि ये हल्का-हरा होता है और इसका ज़ायका भी कुछ-कुछ सेब से मिलता है. इस फल का नाम बही है,इस में मुतअद्दिद तिब्बी और ग़िज़ाई खूबियां कूट कूट कर भरी हुई हैं।ये बहुत से बीमारी में एक अच्छे ख़ासे मुस्तनद मुआलिज का काम देती है। यह सेब की शक्ल का फल है।ये फल दुनिया के अक्सर पहाड़ी इलाक़ों में बकसरत पाया जाता है।अरबी में इसे सफ़रजल।फ़ारसी में बही और अंग्रेज़ी में काउंस कहते हैं।

इस फल के बारे में अ’ल्लाह के रसूल सललल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया है कि बही खाओ क्योंकि वो दिल के दौरे को ठीक कर के सी’ना से बो’झ उतार देता है। हज़रत अनस रज़ी अ’ल्लाहु अनहु से रिवायत हैं,अ’ल्लाह के रसूल सललल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया बही खाने से दिल पर से बोझ उतर जाता है। अल्ला’ह के रसूल सललल्लाहु अलैहि वसल्लम बही खाओ कि दल के दौरे को दूर करता है.अ’ल्लाह ने ऐसा कोई नबी नहीं मामूर फ़रमाया जिसे जन्नत का बही ना खिलाया हो क्योंकि ये इंसान की ता’क़त को चालीस अफ़राद के बराबर कर देता है।

अल्ला’ह के रसूल सललल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया अपनी हामिला औरतों को बही खिलाया करो क्योंकि ये दिल की बीमारीयों को ठीक करता है और लड़के को खूबसूरत बनाता है।तिब्बी एतबार से बही में बेशुमार खूबियां पाई जाती हैं मिसाल के तौर पर बही दिल के लिए बहुत मुफ़ीद है।मुँह से ख़ून आने के आरिज़े में मुफ़ीद है। अगर हमल के दौरान खाया जाये तो हमल के गिरने से काफ़ी हद तक महफ़ूज़ रहा जा सकता है।

बही के इस्तिमाल से पेशाब खुल कर आता है।जिगर के बीमारी में मुफ़ीद है।गर्मी के बाइस होने वाले सिरदर्द को दूर करने का एक क़ुदरती ग़िज़ाई टॉनिक है।गर्मी के बाइस होने वाले नज़ला और खांसी के लिए मुफ़ीद है। दमा के लिए शिफ़ा-ए-बख़श दवा साबित होती है।दिल और दिमाग़ की गर्मी को ठीक करती है।बलग़म और सीने की ख़रख़राहट को नफ़ा पहुँचाता है। ख़ुशक खांसी के लिए मुफ़ीद है।मसाना और जिगर की गर्मी को दूर करता है।दिमाग़ को फ़र्हत बख़शतता है।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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