हर साल सऊदी अरब और दुबई में भारत से लाखों की तादाद में लोग रोजगार की तलाश में जाते हैं। सऊदी अरब में इस वक्त बड़ी तादाद में प्रवासी मौजूद हैं। जोकि अच्छा खासा रोजगार कमा रहे हैं। लेकिन अब जो खबर हम आपको बताने जा रहे हैं उससे आपकी मुसीबत बढ़ सकती है। अगर आप भी अरब देशों में रोजगार के लिए जाने का प्लान बना रहे हैं।

दरअसल खबर सामने आई है कि 22 अगस्त से भारतीय प्रवासी कामगारों के लिए अरब देशों ने पु’लिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है। पुलि’स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेना भारत के लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। खबर के मुताबिक, भारत में ऐसे कई युवाओं की जानकारी मिली है। जिनके पास वीजा आ चुका है। लेकिन समय पर उन्हें पुलि’स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है। इस कारण वह विदेश नहीं जा पा रहे हैं।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि सऊदी अरब और कुवैत समेत कई देशों में इस वक्त प्रवासी कामगारों के लिए पु’लिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी वजह से पासपोर्ट कार्यालय पर भी काफी दबाव बना हुआ है। जल्द से जल्द लोगों की पीसीसी करने के लिए इसकी क्षमता 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। ताकि लोगों को मदद मिल सके लेकिन इसके बावजूद भी इस वक्त देश के कई हिस्सों में अरब देशों में जाने वाले प्रवासी कामगारों में पीसीसी के लिए मारामारी चल रही है।

बताया जाता है कि कई भारतीय कामगारों को सऊदी अरब में नौकरी करने के लिए सितंबर का वीजा मिल चुका है लेकिन उन्हें पुलि’स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की डेट नवंबर की मिली है। इस कारण उनकी मुसीबत बढ़ गई है। ढाई से तीन महीने की वेटिंग मिलने के कारण लोगों और उनके परिवार काफी परेशान हो गए हैं।

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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