ना’फ (ना’भि) में तेल ल’गा’ने के फा’यदे जा’न’कर है’रा’न हो जा’एंगे, न’बी क’री’म स’ल्ल० ने …

अस्सलामोअलैकुम नाज़रीन भाइयों और बहनों आज हम आपको बताएंगे नाफ़(नाभि) में तेल लगाने के फायदे: नाफ़ यानी नाभि अल्लाह ताला की तरफ से इंसानों के लिए एक बहुत बड़ी नेमत है कुछ साल पहले का एक वाकया है एक बूढ़े शख्स को साफ नजर नहीं आ रहा था रात में नज़र ज्यादा खराब हो जाती थी डॉक्टर ने चेकअप के बाद उस शख्स से कहा आपकी आंखें बिल्कुल ठीक हैं बस जिस नसों से आंखों को खून मिलता है वो नसे सूख गई है।

साइंस के मुताबिक अल्लाह ताला के हुक्म से मां के पेट में जब बच्चे बनना शुरू होते हैं तो पहले उनकी नाफ़(नाभि)बनती है जो नाफ़ के ज़रिए माँ से जुड़ जाती है ये एक छोटी सी चीज है जिससे पूरा इंसान बन जाता है। नाफ़ का सुराग एक हैरान कुन चीज है। इंसान के मरने के बाद साइंस के मुताबिक 3 घंटे तक यह जगह गरम रहती हैं.

इसकी वजह यह है कि मां के जरिए बच्चे को इससे खाना पानी मिलता है बच्चा पूरी तरह से 270 दिनों में बन जाता है यानी 9 महीने में यही वजह है कि हमारे पूरे जिस्म की नसे यहीं से जुड़ी होती हैं इसकी अपनी खुद की जिंदगी होती हैं इसकी छोटी नाफ़(नाभि) पीछे की तरफ होती है जहां 70000 नसे जुड़ी होती हैं।

हमारे जिस्म में अगर नसे फैलाई जाएं तो जमीन के गिर्द 2 बार घूम सकती हैं और काफी बीमारियों से छुटकारे के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं मसलन आंख अगर सूख जाए सही नजर ना आता हो,पित्त अगर सुख जाए सहीकाम ना कर रहा हो, होंठ या पैर फटने शुरू हो जाए,चेहरे को चमकदार बनाने के लिए बालों को चमकदार बनाने के लिए और मजबूत बनाने के लिए, घुटने और जोड़ों के दर्द के लिए सुस्ती के लिए.

स्किन के सूख जाने वगैरह का नाफ़(नाभि) के जरिए इलाज कैसे करना है यह भी हम आपको बताते हैं: आंखों का सुख जाना या सही नजर ना आना इस हाल में रोजाना रात को 4 या 5 बूंद देसी घी के अपनी नाफ़(नाभि) में डाले। घुटनों के दर्द के लिए अरंडी का तेल5 कतरे नाफ़ में लगाये और नाफ़ के इधर उधर लगाय।कपकपि और हर किस्म के जोड़ों के दर्द के लिये और स्किन के ड्राई होने के लिए सरसों के तेल के 4 से 5 बूंद अपनी नाफ़(नाभि) में लगाये और इर्द गिर्द लगाय। लोगों के दिमाग में यह खयाल आ रहा होगा कि नाफ़(नाभि)में तेल क्यों लगाएं?

अल्लाह ताला ने नाफ़(नाभि) में सलाहयत रखी है कि जिस्म के किसी हिस्से की नसों में नाफ़ के जरिए तेल पहुंचाया जा सकता है जिससे वह नसे खुल जाती है। अगर बच्चों के पेट में दर्द हो रहा हो तो उनके नाफ़(नाभि) में तेल लगाएं कुछ ही देर में अल्लाह ताला की फ़ज़लो करम से दर्द ठीक हो जाएगा आराम मिलेगा। अल्लाह ताला शिफा देने वाले हैं। कानों में साए साए की आवाजें आती हो सरसों के तेल नाफ़ में लगाएं 15 दिन तक लगाएं इंशाअल्लाह तकलीफ खत्म हो जाएंगी।

सरसों के तेल में कलौंजी मिलाकर लगाने से पेट की चर्बी दो माह में खत्म हो जाएगी अगर जैतून का तेल नाफ में लगा दिया जाए एलर्जी और जुकाम नहीं होगा। यह नुस्खा बहुत लोगों के लिए बहुत मुफीद है जिनको कब्ज रहता है रेगुलर इस्तेमाल करते रहे। नाफ़(नाभि) में सरसों का तेल लगाने से मर्दाना कमजोरी भी दूर होती है सबसे अहम बात हमारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत है। हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम नाफ़(नाभि)में तेल लगाते थे। अच्छी बातें दूसरों तक पहुंचाना सदका ए जरिया है।

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