बग़दाद/तेहरान/वाशिंगटन डीसी: ईरान और अमरीका के रिश्ते अपने निचले स्तर पर पहुँच गए हैं. अमरीका द्वारा ईरान के टॉप कमांडर की ह’त्या के बाद से ही यु’द्ध के बा’दल छा गए हैं.ऐसा लग रहा है कि पश्चिम एशिया में यु’द्ध हो सकता है. अमरीका और ईरान के सम्बन्ध पहले भी अच्छे नहीं थे लेकिन क़ुद्स चीफ़ क़ासिम सुलेमानी की ह’त्या ने यु’द्ध जैसे हा’लात पैदा कर दिए हैं.

अमरीका द्वारा हम’ला बग़दाद में हुआ था जिसके बाद ईराक़ ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए पार्लियामेंट में एक प्रस्ताव पारित किया और कहा कि अमरीकी फ़ौ’ज को यहाँ से जाना होगा. अमरीका सुलेमानी की मौ’त को अपनी जीत की तरह देख रहा है लेकिन ईरान बदला लेने के लिए तैयार बैठा है. ईराक़ जोकि ईरान का क़रीबी दोस्त है, जानता है कि अगर यु’द्ध होता है तो उसको बड़ा नुक़सान उठाना पड़ सकता है.

FI- Trump Rouhani

अमरीका ईरान में हम’ला शायद ही करे लेकिन अमरीका ईरान के लोगों को ईराक़ में ज़रूर निशाना बनाएगा. इस वजह से ईराक़ के प्रधानमंत्री आदेल अब्दुल मेहदी ने अमरीका से अपनी फ़ौ’ज वापिस बुलाने के लिए कहा. अमरीका लगातार ये दावा कर रहा है कि वो अपनी फ़ौ’ज को ईराक़ से बाहर नहीं निकालेगा लेकिन अब ईराक़ के प्रधानमंत्री मेहदी ने बड़ा दावा किया है.

मेहदी ने दावा किया है कि उनको अमरीका की ओर से पत्र मिल गया है जिसमें कहा गया है कि अमरीका अपनी फौ’ज को ईराक़ से वापिस बुला रहा है.अगर ऐसा होता है तो ये ईरान के लिए बड़ी जीत मानी जाएगी. एक तरह से अमरीका को अपनी फ़ौ’ज मिडिल ईस्ट के सबसे सेंसिटिव क्षेत्र से हटानी पड़ेगी. ईरान का दायरा ज़बरदस्त तरह से बढ़ जाएगा और क्षेत्र में वो सबसे बड़ी शक्ति हो जाएगा. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस पर क्या कहते हैं ये भी कुछ समय में मालूम चलेगा.

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