पश्चिम बंगाल में अपने ही नेताओं की नाराज़गी झेल रही है भाजपा, एक के बाद एक..

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चु’नाव खत्म होने के बाद भी उथल पुथल जारी है। बंगाल की राजनीति में परिवर्तन को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव में हा’र का मुंह देखने वाली बीजेपी के कई नेता नाराज़ हैं। उनके मन में कोई क’सक दबी है जो कि अब पाला बदलने की तरफ इशारा कर रही है।

बीजेपी के वो नेता जो चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को छो’ड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे वह अब टीएमसी में वापसी की ओर देख रहे हैं। इन नेताओं में सबसे चर्चित नाम बीजेपी नेता मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय का है। शुभ्रांशु ने बीजापुर से विधायक का चुनाव लड़ा था, मगर उन्हें हार नसीब हुई। शुभ्रांशु ऐसे संकेत दे रहे हैं जिससे ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वो टीएसमी से दूर नही हुए हैं।

शनिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद देते हुए कहा, ममता बनर्जी ने उनके परिवार का हालचाल पूछा। एक प्राइवेट चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शुभ्रांशु रॉय ने ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की तारीफ़ में कहा, अभिषेक वि’रोधी दल में हैं, लेकिन फिर भी वो मेरी माँ को देखने आए, उन्होंने सेहत के बारे में जाना, इसके लिए मैं उनका आभारी हूं।

इससे पहले भी शुभ्रांशु ने अपनी फेसबुक पोस्ट के ज़रिए बीजेपी को आत्ममंथन की न’सीहत दी थी। ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं कि लगभग 33 नेता बीजेपी से टीएसमी में शामिल हो सकते है। मुकुल रॉय ने 2017 में टीएसमी छोड़ बीजेपी का हाथ थामा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी मेहनत की वजह से ही बंगाल में बीजेपी को 18 सीटें मिली थी।

2021 विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के कारण वो टीएमसी में वापस लौटना चाहते हैं। इस बार के चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण दीपेंदु विश्वास बीजेपी में शामिल हो गए थे। पर उन्होंने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कहा कि उन्होंने बीजेपी में जाकर ठीक नही किया। इसी तरह सरला मुर्मू और उत्तर दिनाजपुर के विधायक अमोल आचार्य ने भी कहा कि, ममता बनर्जी उन्हें माफ कर दें उन्होंने बीजेपी में जाने का नि’र्णय ठीक नही लिया।

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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