अय्याशी का अड्डा नहीं थे मुग़ल हरम, यहाँ होते थे ये अहम् काम…

मुग़ल बादशाहों की फ़तेह संघर्षों जीवन के बहुत से तथ्यों से आम जन रूबरू है और हर बादशाह के बारे में यह मशहूर है कि उनके हरम में कितनी औरतें रहा करती थी पर महल के हरम कैसे मुग़ल सुल्तनत …

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संघर्षों को झेल कर गद्दी पर फिर से क़ाबिज़ हुआ था हुमायूँ

नासिर उद्दीन मुहम्मद हुमायूँ मुग़ल साम्राज्य के दूसरे बादशाह थे. उन्होंने अपने पिता बाबर की मौ-त के बाद मुग़ल साम्राज्य की गद्दी संभाली थी. हुमायूँ का जन्म 17 मार्च, 1508 को हुआ. हुमायूँ 1530 से लेकर के 1540 तक बादशाह …

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तू, तुम और आप…

“एक भाषा व्याकरण और भाषा विज्ञान से कहीं बड़ी है. यह एक जाति और संस्कृति की प्रतिभा का काव्य प्रमाण है जो उन विचारों और प्रशंसकों का जीवित अवतार है जिसने इसे ढाला है” – जवाहर लाल नेहरु, भारत की …

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ऑक्सफ़ोर्ड से वापिस आकर भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में शामिल हुईं इंदिरा गाँधी…

महिला सशक्तिकरण का एक कामयाब उदारहण इंदिरा गांधी के नाम के बिना आधा अधूरा सा है। भारतीय राजनीति के इतिहास की बात करें तो वह एक ऐसी शख़्सियत के तौर पर जानी-जाती हैं जिनका मुक़ाबला अब तक और कोई करने …

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भारतीय उपमहाद्वीप में पुर्तगाली लेकर आये आलू…

भारत के हर शाकाहारी घर में घर कर चुका आलू, जिसे शाकाहारियों का मांस भी कहा जाता है.बिना आलू के शायद ही एक भारतीय शाकाहारी ज़ी सके पर आलू ! आज के दौर में जब खासकर उत्तर भारत में, ‘इतिहास …

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इन मशहूर लोगों ने की थी AMU से पढ़ाई, आज भी आगे है विश्विद्यालय…

अलीगढ मुस्लिम विश्विद्यालय एक ऐसा विश्विद्यालय है जिसकी चर्चा हम बचपन से अपने घरों में सुनते आये हैं. अलीगढ मुस्लिम विश्विद्यालय, जवाहर लाल नेहरु विश्विद्यालय, बनारस हिन्दू विश्विद्यालय, और दिल्ली विश्विद्यालय की चर्चा उत्तर भारत के पढ़े लिखे घरों में …

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हम इतिहास को उन्हीं नज़रों से देखते हैं, जैसे हम हैं…

एदुअर्दो गलेअनो के अनुसार ‘इतिहास कभी अलविदा नहीं कहता, वह कहता है कि फिर मिलेंगे’ पर बदलते समय के जिन-जिन नये मोड़ पर वह मिलता है, वह टकरा जाता है. इतिहास की विवेचना, व्यक्ति की समझ को प्रतिबिंबित करती है. …

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कार्ल मार्क्स ने कहा था जब किसी के साथ अन्याय, भेदभाव या ग़लत हो रहा है तो संगठित होकर विरोध करें…

वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता दार्शनिक, अर्थशास्त्री, समाजविज्ञानी और पत्रकार कार्ल मार्क्स की आज 200वीं जयंती है। उनका जन्म 5 मई 1818 को जर्मनी के ट्रियर शहर में हुआ था। कार्ल मार्क्स ने दुनिया को समाज और आर्थिक गतिविधियों के बारे …

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एक नेता जो था अरब एकता का सबसे बड़ा हीरो…

आज कल के दौर में अगर देखा जाए तो अधिकतर अरब नेता ऐसे हैं जो संयुक्त राज्य अमरीका के इशारे पर ही काम करते हैं. इनसे अलग जो अरब नेता हैं वो रूस जैसी शक्तियों के साथ खड़े रहते हैं …

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