“हज़रत उस्मान रज़ि अ० ,हुज़ूरे अक़दस स० अ० का इरशाद नक्ल करते हैं कि तुम मे से बेहतर वह शख़्स है जो कुरआन शरीफ़ को सीखे और सिखाये” कलाम पाक चूंकि अस्ल दीन है ,इसकी बका व इशाअत पर ही दीन का दारोमदार है।इसलिए इसका सीखना और सिखाना किसी तशरीह का मोहताज नहीं है। अलबत्ता इसकी नोय्यत अलग अलग हो सकती है। कमाल इसका यह है कि मतलब व मक़ासिद समेत सीखा जाए।और अदना दर्जा इसका यह है कि फ़कत अलफ़ाज़ सीख लिए जाएं ।हालांकि इतना कुरआन हिफ्ज़ करना हर मुसलमान पर फर्ज़ है जिससे उसकी नमाज़ अदा हो सके।

एक दूसरी हदीस से मुल्ला अली क़ारी ने नक़ल किया है कि जिस शख़्स् ने कलाम पाक को हासिल कर लिया ,उसने उलूमे नबूवत को अपनी पैशानी मे जमा कर लिया।हज़रत सुहैल तस्तरी रज़ि अ० फ़रमाते हैं कि हक़ तआला शानहु से महब्बत की अलामत यह है कि उसके कलामे पाक की महब्बत कल्ब मे हो। कुरआन क्या है : कुरआन पाक अल्लाह तआला की किताब है, जिसे उसने अपने फ़ज़लो करम से अपने और हम सबके प्यारे नबी हज़रत मौहम्मद मुस्तफा स० अ० पर नाज़िल फ़रमाया है। इसमे अल्लाह तआला के पैगामात दर्ज हैं। जिनको हज़रत जिबरईल अ० स०( अल्लाह के फ़रिश्ते) वही ( खुदा का पैगाम ) की शक्ल मे हुज़ूर के पास लेकर आते थे। कुरआन शरीफ़ धीरे धीरे नाज़िल हुआ है।

मस्जिद का चित्र

आप स० अ० पर मुकम्मल कुरआन नाज़िल होने मे 23 साल का वक्त लगा था। इसमें 30 पारे ( chapter) हैं। कुरआन शरीफ़ क़ो ज़बानी याद करने वाले को हाफ़िज़ कहा जाता है।हाफ़िज़े कुरआन के हक़ कई बशारत मौजूद हैं। इनमें से एक बहुत मशहुर औ मारुफ़ यह है कि हाफ़िज़ुल कुरआन की सात पुशतें जन्नत मे जायेंगी।यानी अल्लाह तआला हाफ़िज़े कुरआन के सदक़े मे उनकी मग़फ़िरत फ़रमायेंगे।वैसे तीस पारो को इस तरह अपने दिल मे हिफ़्ज़ कर लेना अपने आप में एक मोजिज़ा है। जो बगैर अल्लाह तआला की मदद के मुमकिन नहीं है।

दोस्तों क़ुरआन के बारे में हमने कितनी अच्छी बातें आपको बतायीं. बचपन से ही हमारे बुज़ुर्ग हमें समझाते हैं कि हम दीन की बातों को अच्छे से समझें. पाँच वक़्त की नमाज़ पढ़ें और तौबा करते रहें.इस्लाम की बातों पर चलें, हम अक्सर देखते हैं कि दुनिया के मामलात में उलझ कर हम आख़िरत की बात भूल जाते हैं और दीन की बातों पर नहीं चल पाते. पैसा कमाने के लिए झूठ का सहारा लेने लगते हैं. हम सभी को ये बात समझनी चाहिए कि अल्लाह हमेशा उन लोगों की मदद करता है जो लोग नेक रास्ते पर चलते हैं. हम उम्मीद करेंगे कि आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों से शेयर करेंगे और अल्लाह के बताये रास्ते पर ही हमेशा चलेंगे.

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