वाशिंगटन डीसी: अमरीका और ईरान के सम्बन्ध लगातार बिगड़ रहे हैं. पिछले दिनों ऐसी ख़बरें आयी थीं कि संयुक्त राज्य अमरीका और ईरान के बीच में नज़दीकियाँ आ रही हैं वहीँ अब स्थिति फिर से बिगड़ रही है. असल में हाल में सऊदी अरब की सबसे बड़ी कम्पनी अरामको के प्लांट में जब से ड्रोन हमला हुआ है तभी से अमरीका ने ईरान पर निशाना साधना शुरू कर दिया है.

इस हमले की ज़िम्मेदारी यमन के हौथी संगठन ने ले ली है लेकिन संयुक्त राज्य अमरीका का कहना है कि इस हमले के पीछे ईरान का सीधा हाथ है. अरामको के प्लांट पर हुए हमले के बाद से ही वैश्विक तेल उत्पादन में 5% की कमी आ गई है.इसकी वजह से तेल की क़ीमतें बढ़ जाने का अनुमान लगाया जा रहा है. वहीँ अब अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ऐसा लगता है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है.

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में आयल प्लांट पर जो हमला हुआ है उसके पीछे ईरान का हाथ लगता है लेकिन वो यु’द्ध के समर्थक नहीं हैं. राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अभी तो निश्चित ही ऐसा लगता है कि इसके पीछे ईरान का हाथ है और हम इसके बारे में आपको बताएँगे. उन्होंने कहा कि जैसे जैसे हमें पता चलता है हम सभी को इस बारे में जानकारी देंगे.

ट्रम्प ने कहा कि हमारे पास कई विकल्प मौजूद हैं… हम सऊदी अरब के साथ डील कर रहे हैं..हम क्राउन प्रिंस और दूसरे पड़ोसियों के साथ डील कर रहे हैं..और हम एक साथ बात कर रहे हैं, हम देखेंगे कि क्या होता है. उन्होंने कहा कि मैं यु’द्ध नहीं चाहता लेकिन हम किसी और देश से बेहतर इसके लिए तैयार हैं. वहीँ दूसरी ओर ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ये हमला ‘यमनी लोगों’ द्वारा किया गया है जोकि यमन में चल रहे यु’द्ध के जवाब में है.

उल्लेखनीय है कि शनिवार के रोज़ सऊदी अरब के ऊपर एक बार फिर ड्रोन हम’ला किया गया है. ये ह’मला सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के प्लांट पर किया गया था. फ़िलिस्तीन ने भी एक बयान जारी कर कहा था कि वो इस मुश्किल घड़ी में सऊदी अरब के साथ है.

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