कोलकाता: कोलकाता पुलिस ने भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती और बं’गाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के ख़िला’फ़ मामला द’र्ज किया है. दोनों ने’ताओं के ऊपर इस का’र्रवाई के बाद इसे ब’दले की रा’जनीति से जो’ड़ा जाना तय है। बता दें कि इस समय चुनाव बाद हिं’सा की घ’टना पर बीजेपी और टीएमसी के बीच घ’मासान जारी है।

एक अखबार के छ’पी ख़बर के मुताबिक़ 2 दिन पहले टीएमसी कार्यकर्ता मृत्युं’जय पॉल ने अपनी शि’कायत में कहा था कि दिलीप घोष और मिथुन चक्रवर्ती ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल में हिं’सा और क्रू’रता फै’लाने के लिए उ’कसाया है। पॉल की शि’कायत पर रविवार को कोलकाता पुलि’स ने दोनों नेताओं के वि’रुद्ध केस द’र्ज कर लिया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 (ए), 504 और 505 के तहत दोनों नेताओं के खि’लाफ केस दर्ज किया है।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में नई सरकार बन गई है। वहीं नतीजों के एक सप्ताह बाद भी राज्य में रा’जनीतिक हिं’सा की खबरें लगातार आ रही हैं। भाजपा लगातार दावा कर रही है कि टीएमसी की जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को नि’शाना बनाया जा रहा है।

वहीं टीएमसी कार्यकर्ता ने अपनी शिका’यत में हिं’सा के लिए बीजेपी बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष और मिथुन चक्रवर्ती का नाम लिया है। मृत्युं’जय पॉल ने दिलीप घोष और मिथुन चक्रवर्ती के कई क’थित बयानों का ह’वाला दिया है।’ कोलकाता पुलिस को दी गई शिका’यत में कहा गया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीएमसी कार्यक’र्ताओं के घरों को ज’ला दिया और त’हस-न’हस कर दिया है और टीएमसी कार्यकर्ता स’ड़कों पर बेघ’र और अ’सहाय घू’म रहे हैं।

पॉल ने अपनी शिकायत में कहा कि बंगाल ने हिं’सा के जिस दौर को देखा उसके लिए सीधे तौर पर इन दोनों नेताओं के बयान जिम्मेदार हैं। ये लोग अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं।

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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