एक तरफ़ कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया पर है वहीँ अमरीका ईरान पर और प्रतिबन्ध लगाने की बात कर रहा है. अब इस मामले में नया मोड़ नज़र आ रहा है. अमरीका और ईरान के बीच तनाव को देखते हुए रूस ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में वो ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्यवाई का विरोध करेगा. संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने मंगलवार को साफ़ कर दिया कि ईरान के ख़िलाफ़ वह किसी भी तरह के हथियारों के प्रतिबंधों में अमेरिकी प्रयास एवं पहल का मास्को प्रबल विरोध करेगा.

रूस के राजदूत के इस बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि अमरीका अगर ईरान पर किसी तरह का कोई स्टेप लेता है तो उसे संयुक्त राष्ट्र में मुश्किल का सामना करना पड़ेगा. ये इसलिए भी है चूंकि रूस के पास भी वीटो का अधिकार है. रूस का बयान ऐसे वक़्त में आया है जब अमरीका ने ईरान पर और प्रतिबन्ध लगाने के संकेत दिए थे.

इस बाबत अप्रैल में परिषद के सदस्यों की वार्ता हुई थी. बता दें कि ईरान पर प्रतिबंधों की समय सीमा अक्टूबर में समाप्त हो जायेगी. उल्लेखनीय है कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान पर प्रतिबन्ध लगाने को जायज़ बताते रहे हैं. उन्होंने अपना चुनाव भी इसी मुद्दे पर लड़ा था और अब जबकि फिर से चुनाव नज़दीक हैं तो वो अपने वोटरों को उसी दिशा में ले जाना चाहते हैं. जानकार मानते हैं कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने वोटरों को इस तरह से ईरान के ख़िलाफ़ समझा कर रखा है कि अगर वो अब ईरान से शांति की बात करें तो उन्हीं के वोटर को ये हज़म नहीं होगा. हालाँकि रूस के इस क़दम ने अमरीका को मुश्किल में तो डाल ही दिया है.

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