उज्जैन. कोरोना से पूरे देश में हाहाकार जैसी स्थिति है. सोशल मीडिया अगर इंसान चेक करे तो उस पर ज़्यादातर मरीज़ों की समस्याओं और मौतों से जुड़े हुए सन्देश हैं. बड़े शहर हों या छोटे क़स्बे सब जगह स्थिति चिंताजनक ही है. इस बीच एक दर्दनाक ख़बर उज्जैन से आ रही है. मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक परिवार को कोरोना ने निगल लिया.

एक हफ़्ते के भीतर ही पूरा परिवार ख़त्म हो गया. इस ख़बर को सुनते ही लोग दहशत में आ गये हैं. कोरोना ने ये कोहराम आदर्श विक्रमनगर में रहने वाले जैन परिवार में मचाया. घर के बड़े सदस्य संतोष कुमार जैन, उनकी पत्नी मंजुला और उनकी 26 साल की बेटी आयुषी कोरोना की वजह से एक हफ्ते में दुनिया छोड़ गए. अब घर की देखरेख तक करने वाला कोई नहीं बचा.

रिश्तेदारों ने नीदरलैंड में रह रही उनकी बेटी को सूचना दे दी है और घर के बाहर गार्ड तैनात कर दिया है. जानकारी के मुताबिक 3 अप्रैल को सतोष कुमा जैन के पिता का देवास में निधन हो गया. वहां से आने के बाद 8 अप्रैल को उनकी पत्नी मंजुला जैन को बुखार आया. कोरोना जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई. उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन दो दिन बाद 10 अप्रैल को मंजुला का निधन हो गया. उनके अंतिम संस्कार के बाद संतोष जैन की तबीयत खराब हुई.

इसके बाद संतोष और बेटी आयुषी ने सैंपल दिया तो पॉजिटिव निकले. जैन को यहीं निजी अस्पताल में जगह मिल गई, जबकि बेटी को देवास के अस्पताल में भर्ती किया गया. इस बीच 16 अप्रैल को जैन का निधन हो गया और 19 अप्रैल को आयुषी ने भी दम तोड़ दिया. तीनों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत प्रशासन ने किया.

संतोष कुमार जैन बिजली कंपनी से कुछ समय पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे. जबकि उनकी पत्नी मंजुला हरिफाटक क्षेत्र में स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षिका थीं. परिचितों ने बताया कि जैन दंपती की दो बेटियां हैं. एक शादी के बाद नीदरलैंड में रहती है.

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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