कर्णाटक सियासी ड्रामे का आख़िरी पड़ाव कल होगा जब मुख्यमंत्री कुमारस्वामी विश्वासमत का सामना करेंगे. इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा फ़ैसला दिया जिसके बाद कांग्रेस-जेडीएस और भाजपा दोनों ही अपनी जीत बता रहे हैं. भाजपा एक तरफ़ कह रही है कि अब कुमारस्वामी को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए वहीँ कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि ये फ़ैसला उनके हक़ में है.

इस फ़ैसले के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि ये एक एतिहासिक जजमेंट है…कुछ भाजपा के दोस्त इस फ़ैसले को ग़लत तरह से पेश कर रहे हैं कि पार्टी का व्हिप वैलिड नहीं रहेगा लेकिन ऐसा नहीं है पार्टी व्हिप जारी कर सकती है और उसके बाद एंटी-डेफेक्शन क़ानून भी लगा सकती है.

कर्णाटक के बाग़ी विधायकों ने इस फ़ैसले के बाद कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करते हैं और हम अपने फ़ैसले पर टिके हुए हैं..असेम्बली जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने आज बाग़ी कांग्रेस विधायकों के सम्बन्ध में फ़ैसला सुनाया. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि कर्णाटक के स्पीकर को फ़ैसला लेने के लिए किसी समय सीमा में बांधा नहीं जा सकता है.

इस फ़ैसले से जेडीएस-कांग्रेस को राहत मिलती लेकिन अदालत ने इसी के साथ ये भी कहा कि बाग़ी विधायकों को विश्वास मत में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. हालाँकि सर्वोच्च अदालत ने ये भी कहा है कि कर्णाटक के विधायकों को कल होने वाले विशवास मत में शामिल होने के लिए कम्पेल नहीं किया जा सकता है. इससे बाग़ी विधायकों को भी राहत मिली है.

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