देश के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की मौ’तों का आंकड़ा बढ़ता ही चला जा रहा है। कोरोना म’हामा’री की दूसरी लहर में सं’क्रमण ने वि’कराल रूप धारण कर लिया है।

इस मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार से सवाल किया है। जिसमें पूछा गया है कि आने वाले वक्त में कोरोना म’हामा’री की स्थिति और भी भ’या’वह होने वाली है। ऐसे में सरकार ने इसके लिए क्या इंतजाम किए हैं हाईकोर्ट ने आईआईटी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है।

जिसमें यह कहा गया है कि 15 मई के आसपास देश में करोड़ों की सुनामी आने वाली है। इस रिपोर्ट के हवाले से ही हाईकोर्ट ने पूछा है कि को’रो’ना की सुनामी आने से बनने वाले सं’भावित हालात के लिए दिल्ली की सरकार और केंद्र सरकार ने क्या तैयारियां की है या कर रही हैं ?

अग्रसेन अस्पताल की याचिका पर कोर्ट के कड़े तेवर दिल्ली हाई कोर्ट ने अग्रसेन अस्पताल की याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि देश में अब भी कोरोना की सूनामी चल रही है, हम भले ही इसे दूसरी लहर कह रहे हैं। हाई कोर्ट ने कहा, “यह लहर नहीं, सू’नामी है।”

आईआईटी की रिपोर्ट का हवाला देकर दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा, “मिड मई में मामलों की सूनामी आने वाली है तो दिल्ली सरकार ने किस तरह के कदम उठाए हैं उसे कंट्रो’ल करने के लिए?” कोर्ट ने आप सरकार से कहा, “आपको मौतों पर नि’यंत्रण रखना होगा।” दिल्ली हाई कोर्ट ने आज ऑक्सिजन की आपूर्ति रोके जाने के मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भी ऐसा करेगा, उसे टांग दिया जाएगा।

देश में 11 मई से 15 मई के बीच कोरोना म’री’जों की संख्या आसमान छू सकती है। ऐसा वैज्ञानिकों ने एक गणितीय मॉडल के आधार पर अनुमान लगाया है। इसी तरह की आशंका है एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी की तरफ से भी रिपोर्ट में जताई गई है।

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स ऐंड इवैल्युएशन (IHMI) ने 15 अप्रैल को एक रिसर्च स्टडी प्रकाशित की जिसमें दावा किया गया है कि भारत में मध्य मई में रोजोना औसतन 5,600 कोरोना मरीजों की जानें जाएंगी। उसका कहना है कि स्थिति पर काबू नहीं पाया गया तो अप्रैल से अगस्त के बीच कोरोना संक्रमण से करीब तीन लाख लोग अपनी जान गंवा देंगे।

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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