मुंबई: शिवसेना और भाजपा में सरकार को लेकर पसोपेश जारी है. ऐसा नहीं लगता कि दोनों में से कोई किसी का साथ छोड़ेगा लेकिन जिस तरह से शिवसेना मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा पर दबाव बना रही है वो भाजपा के लिए चिंता का विषय हो गया है. शिवसेना ने चुनाव नतीजों के आने के बाद से ही कहना शुरू कर दिया है कि इस बार उसको मुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए. अब इस विषय में भाजपा के नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस का बयान आया है.

उन्होंने कहा है कि भाजपा सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बन कर उभरी है और इस कारण मुख्यमंत्री उसका ही होगा. दूसरी ओर शिवसेना भाजपा पर दबाव बना रही है. सूत्रों की मानें तो शिवसेना ने भाजपा से कह दिया है कि वो भले किसी और विकल्प को देख नहीं रहे हैं लेकिन उनके पास विकल्प हैं.उल्लेखनीय है कि इस बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा का वैसा प्रदर्शन नहीं रहा जैसे की वो उम्मीद कर रही थी.

यही कारण है कि शिवसेना अब भाजपा पर दबाव बना रही है.एक वजह ये भी है कि शिवसेना दावा कर रही है कि मुंबई और ठाने में भाजपा-शिवसेना का गठबंधन अच्छा इसीलिए कर पाया क्यूँकि हमने आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के बतौर पेश किया.आपको बता दें कि भाजपा को 288 सीटों वाली विधानसभा में 105 सीटें मिली हैं जबकि शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं. इसका अर्थ है कि अगर शिव सेना गठबंधन को तोड़ दे तो सरकार नहीं बन पाएगी. वहीँ इस बीच ऐसी ख़बर आ रही है कि शिव सेना अन्दर अन्दर एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं से भी बात कर रही है.

आदित्य ठाकरे, शिवसेना

इस चुनाव में कांग्रेस को 44 और एनसीपी को 54 सीटें मिली हैं जबकि 2 सपा और एक सीपीएम को मिली है. इस लिहाज़ से विपक्षी गठबंधन की 101 सीटें हैं. अगर एनसीपी-कांग्रेस शिवसेना को समर्थन दे देती हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हो जाएगा. शिवसेना के मुस्लिम विधायक अब्दुल सत्तर ने भी आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाये जाने पर ज़ोर दिया.

उन्होंने कहा,”उद्धवजी इस पर अंतिम फैसला लेंगे.”कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वादेत्तिवर ने बयान दिया है कि हमारे पास विपक्ष का रोल है और हम उसे निभाएँगे लेकिन अगर कोई विकल्प बनता है तो शिवसेना को हमसे बात करनी चाहिए, अभी तक उन्होंने हमसे संपर्क नहीं किया है.उन्होंने कहा कि गेंद अभी भाजपा के पाले में है, अब ये शिवसेना को फ़ैसला करना है कि वो पाँच साल का मुख्यमंत्री चाहते हैं या भाजपा के रिस्पोंस का इंतज़ार करके 2.5 साल का मुख्यमंत्री चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना का प्रपोज़ल आता है तो हम विचार करेंगे.इस बीच ठाकरे परिवार के निवास के सामने आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग के पोस्टर भी लग गए हैं. इन सब के बीच भाजपा अब कुछ भी बोलने से बच रही है.

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