पटना: लोक जनशक्ति पार्टी में फू’ट पड़ने से बिहार से लेकर दिल्ली तक कि सियासत में हलचल मची है। सांसद पशुपति कुमार पारस के 5 सांसदों के साथ बगावत करने के ऐलान के बाद चिराग पासवान सोमवार को चाचा पशुपति से मिलने उनके घर पहुंचे। चिराग एक प्रस्ताव लेकर अपने चाचा पशुपति के घर गए थे जिसमें चिराग द्वारा लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को छो’ड़ने की बात थी। सूत्रों के मुताबिक चिराग ने अपनी मां रीना पासवान को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग रखी है।

सूत्रों की मानें तो, चिराग के चाचा पशुपति समेत पार्टी के बागी पांचों सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे। वहीं दूसरी तरफ, लोजपा सांसद महबूब अली कैसर और वीणा देवी का भी एक बड़ा ब’यान सामने आया है। इस बीच एलजेपी सांसद महबूब अली कैसर ने कहा कि चिराग पासवान संवाद करने का ज़रिया नही अपनाते। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए से अलग होना ग’लत फैसला था। चिराग अच्छे वक्ता है अगर वो हमारे साथ आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।

लेकिन जब उन्होंने बिहार चुनाव एनडीए के खि’लाफ लड़ा था तब बुरा लगा था। मजबूरी में यह क’दम उठाना पड़ा है।सांसद महबूब अली कैसर ने कहा कि लोजपा बिहार में पहले जिस तरह से काम कर रही थी वैसे ही आगे भी काम करती रहेगी। सांसद वीणा देवी ने कहा की एनडीए के खिलाफ बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा जाना बहुत गलत था। हम एनडीएक के साथ हैं और यही बात स्पष्ट करने के लिए हम ने यह कदम उठाया है।

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