ममता बनर्जी के रणनीतिकार ने कहा,”भाजपा को मिलेंगे 40% वोट लेकिन हम फिर भी उन्हें हरा देंगे..”

कोलकाता: पश्चिम बंगाल चुनाव अपने अहम् मोड़ पर आ पहुँचा है. तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी नेत्री ममता बनर्जी को चुनाव आयोग ने एक दिन के लिए बैन कर दिया है. इस फ़ैसले के जवाब में ममता बनर्जी ने भी धरना देने का एलान कर दिया है. इस सब के पहले एक प्राइवेट समाचार चैनल ने तृणमूल कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से बात की.

किशोर ने कहा,”बंगाल में एंटी इनकम्बेंसी कुछ स्थानों पर है. यह तृणमूल के लोकल लीडर्स के खिलाफ है, जिसे पार्टी ने पिछले एक वर्ष में दूर करने की कोशिश की है. ममता के खिलाफ असंतोष नहीं है वह अब भी बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता हैं. हमारा फार्मूला है कि कम से कम 45 फीसदी वोट लेने हैं. जो भी बंगाल को समझता है, बताएगा कि तृणमूल और ममता के पक्ष में महिलाएं बड़ी संख्या मे निकलकर आ रही हैं. मैंने 8-10 साल के अनुभव में किसी महिला को इतना लोकप्रिय नहीं देखा है जितनी ममता हैं. मेरा आकलन है कि ममता बनर्जी जीत रही हैं, बड़े मार्जिन से जीत रही हैं.”

प्रशांत किशोर ने कहा,”बीजेपी ताकतवर है, इससे इनकार नहीं है. मैं किसी को कम करके नहीं आंकता हूं. मुझे लगता है कि आपको अपने अपोनेंट को अंडर एस्टीमेट नहीं करना है. बीजेपी जैसी बड़ी पार्टी को हमारे जैसे साधारण शख्स की जरूरत नहीं है.” उन्होंने कहा कि ”मोदी जी की पापुलरिटी एक फैक्टर है. यहां पर जो ध्रुवीकरण है वह फैक्टर है. दलित समाज के लोगों में से एक बड़ा फैक्टर बीजेपी को सपोर्ट कर रहा है और हिंदी भाषियों की बीजेपी पर बड़ी पकड़ है, यह फैक्टर है.”

उन्होंने कहा,”जो भी पार्टी 10 साल सत्ता में रहेगी उसके खिलाफ कुछ हद तक एंटी इनकम्बेंसी रहेगी ही. मेरे जैसे व्यक्ति के लिए काम यह है, यह समझना है कि एंटी इनकम्बेंसी किसके खिलाफ है. क्या लोकल लीडर के खिलाफ है, क्या पार्टी के खिलाफ है या क्या ममता बनर्जी के खिलाफ है? कुछ पॉकेट में इसके अलावा भी लोगों में गुस्सा हो सकता है. इन सबके बाद भी जितने भी फैक्टर कंसीडर करें, तो ममता बनर्जी वेस्ट बंगाल की आज भी सबसे कद्दावर नेता हैं.”

प्रशांत किशोर ने कहा,”हम लोगों का फार्मूला यह है कि हमें कम से कम 45% वोट लेना है. महिला वोटर से एक तरह का एडवांटेज तृणमूल कांग्रेस को खास तौर पर दिख रहा है. महिलाएं बड़ी संख्या में निकलकर आ रही हैं. क्लब हाउस में पब्लिकली बात हुई है. मैंने उसमें ऑफिशियल यह कहा है कि हम वही बात यहां पर कह रहे हैं जो हम अदर वाइज पब्लिकली कहेंगे.”

उन्होंने आगे कहा,”एक मैनेजर के तौर पर मेरी मेरा अपना तरीका है कि मेरा जिसके खिलाफ काम्पटीशन है, उसको मैं कम करके नहीं आंकता हूं. मेरी रणनीति यही बताती है कि हमें अपने विरोधी को अंडर एस्टीमेट नहीं करना है. मुझसे पूछा जाता है कि आप चुनाव का संचालन कैसे करते हैं? तो मेरा यह कहना है कि हम वह सारे काम करते हैं जिससे चुनाव जीतने में मदद मिले. हर वह चीज जो पार्टी और लीडर समझते हैं कि मैं उसमें उनकी मदद कर सकता हूं, या कॉन्ट्रीब्यूट कर सकता हूं, तो वह मैं करता हूं. हम लोग कभी किसी को चुनाव जिता या हरा नहीं सकते हैं. वीआर हाईली ओवररेटेड. मैंने राजनीति में शुरुआत की थी, मैं पूरी तरीके से फेल हो गया और मुझे ऐसा बोलने में कोई झिझक नहीं है.”

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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