लखनऊ: बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से मोहाली की कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश की जिस नंबर की एंबुलेंस से मुख्तार अंसारी को मोहाली कोर्ट लाया गया था, वो एंबुलेंस एक निजी एंबुलेंस थी, जिसका रजिस्ट्रेशन बाराबंकी में एक निजी अस्पताल के नाम से है। यह एंबुलेंस फ’र्जी रजिस्ट्रेशन को लेकर चर्चा में आ गई थी। अब इसी मामले में मुख्तार अंसारी की वर्चुअल सुनवाई सीजेएम राकेश कुमार के सामने हुई। सुनवाई के दौरान एम्बुलेंस वि’वाद में मुख्तार अंसारी ने अपने प्रतिद्वंद्वी डॉन पूर्वांचल के बृजेश सिंह को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का सहयोगी बताया।

मुख्तार अंसारी ने ब्रजेश सिंह द्वारा किए गए हत्या के मामलें में गवाहों पर दबाव बनाने के लिए एम्बुलेंस मामले में फर्जी नाम शामिल करने का आ’रोप लगाया है। मुख्तार अंसारी के वकील रणधीर सिंह सुमन ने बताया कि मुख्तार ने अदालत से कहा कि, हुजूर आपके पास बहुत अधिकार हैं। मैंने बैरक में टीवी लगवाने की प्रार्थना की थी। टीवी लगवाने का ऑर्डर आपने अभी तक नही दिया। आप दो लाइनें लिखकर दे दीजिए ताकि हमारे बैरक में टीवी लग सके। रणधीर के मुताबिक सीजेएम राकेश कुमार ने मुख्तार अंसारी से कहा कि एम्बुलेंस मामले में दर्ज मुकदमे में आरोप पत्र दाखिल हो गया है। इस मामले की सुनवाई 2 अगस्त को विशेष अदालत में होगी।

अधिवक्ता रणधीर ने बताया कि मुख्तार अंसारी ने अदालत से कहा कि पुलिस एम्बुलेंस मामलें में रोज़ फर्ज़ी नाम दर्ज कर रही है। पुलिस द्वारा बढ़ाये गए नामों में नामों में सुरेंद्र शर्मा,अफरोज समेत अन्य लोग यह सभी दाऊद इब्राहिम के साथी बृजेश सिंह द्वारा की गई ह’त्या में गवाह हैं। इनपर बहुत बार हमले हो चुके हैं। इन्हें इस केस में मुलजिम बनाया गया है ताकि दबाव बनाया जा सके। इन गवाहों को एक-एक करोड़ रुपये बृजेश सिंह के खि’लाफ गवाही नही देने के लिए दिए जा रहे हैं।

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By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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