पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार जितना दिलचस्प है उतना कभी नहीं रहा. सालों तक कम्युनिस्ट शासन में रहने वाला पश्चिम बंगाल इस बार दक्षिणपंथी भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच साख की लड़ाई बन गया है. इस समय बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का शासन है और वो कोशिश में है कि चुनाव को दुबारा जीते वहीं भाजपा ने भी अपनी पूरी ताक़त लगा दी है.

इस चुनाव की चर्चा पूरे देश में है. इसकी वजह है कि भाजपा समर्थित मीडिया जिसे गोदी मीडिया भी कहते हैं, इस चुनाव को ज़ोर-शोर से उठा रहा है ताकि भाजपा की हवा बने. वहीं विपक्ष भी पूरे दम-ख़म से इस चुनाव में उतर गया है. आम आदमी पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस को अपना समर्थन दिया है. पार्टी के प्रवक्ता ने आज एक बयान दिया. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बयान दिया कि ये चुनाव धर्म और अधर्म के बीच है। ये लड़ाई सच और झूठ के बीच की है.

भारद्वाज ने कहा कि जिस तरह से भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी ताक़त, अपना सारा मंत्रिमंडल, अपने सारे नेताओं को लेकर कूच किया था और उनकी करारी हार हुई थी, उसी तरह से ये बंगाल में भी हारेंगे। जिस तरह से बंगाल की बेटी ममता बनर्जी के उपर गलत तरीके से हमले कर रहे हैं, घटिया तरह से प्रहार कर रहे हैं।

बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं ने सारी सभ्यताओं का परित्याग कर दिया है, बंगाल का आम नागरिक इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और भाजपा को जवाब जरुर देगा। वहीं सौरभ ने यह भी कहा कि ये वो वाजपेयी के दौर की भाजपा नहीं है। ये वो भाजपा है जिसने किसी को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने सहयोगियों को भी कभी नहीं बख्शा.

इस बात के लिए उन्होंने पीडीपी, जेडीयू, अकाली, शिवसेना आदि का उदाहरण दिया। वहीं ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर आने की चिट्ठी लिखे जाने पर सौरभ ने कहा भाजपा के अलावा सभी दलों को ये चिट्ठी मान्य है। सौरभ ने कहा कि भाजपा को प्रजातंत्र पर भरोसा नहीं है और न ही किसी संस्था पर है. उन्होंने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि अगर भाजपा को समय रहते नहीं रोका गया तो ये लोग इस देश को हिटलर वाली जर्मनी में बदल देंगे, जहां पर लोकतंत्र का नामोनिशान नहीं होगा।

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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