कर्णाटक में भा’जपा के नेता बीएस येद’युरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शप’थ ले ली है लेकिन आज उनकी सरकार की अ’ग्नि -परी’क्षा है। उन्हें आज सदन में बहुमत सिद्ध करना है। यूँ तो कर्णाटक में भाजपा के नेता बीएस येदयुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है लेकिन अभी भी नई बनी सरकार को विश्वास मत का सामना करना है। येदियुरप्पा सरकार को उम्मीद है कि वो वि’श्वास मत को आसानी से जीत लेगी। दूसरी ओर मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने उम्मीद जताई कि फा’इनेंस बिल पर उन्हें कांग्रे’स और जेडीएस का भी समर्थन प्राप्त होगा।

इस बीच कांग्रे’स ने अपने विधायकों की मीटिंग बुलाई है। विश्वास मत की कार्यवाई में कांग्रेस पार्टी का क्या रूख़ हो ये इस मीटिंग में तय किया जाना है। इसके पहले कर्णाटक में कुमारस्वामी की सरकार थी। जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों के इ’स्तीफ़े ने ग’ठबंधन वाली जेडीएस- कांग्रेस सरकार ख़’तरे में डाल दिया। एक बड़े सि’यासी दाँ’वपेंच में उनके ये इ’स्तीफ़े कथित रूप से सही फॉर्मेट में न होने के कारण एक्सेप्ट नहीं किए गए। असल में ये सभी विधायक पा’र्टी व्हिप से बचना चाहते थे।

पार्टी व्हिप से बचकर उन्हें वि’श्वास मत में वोटिंग न करने का बहाना मिल जाता और इस तरह वो बचकर निकल जाते लेकिन स्पीकर के आर रमेश कुमार ने इनके इ’स्तीफ़े को ठीक न पाते हुए ख़ारि’ज कर दिया, कांग्रेस और जेडीएस ने इन नेताओं के इ’स्तीफ़े के पीछे भाजपा का हाथ माना। ऐसे नेताओं पर क्या ऐक्शन लिया जाए ये बात कांग्रेस पार्टी के ऊपर छोड़ा।

कांग्रेस और जेडीएस ने दावा किया कि भाजपा कु’मारस्वामी सरकार को गिराना चाहती है और यही कारण है कि विधायकों पर द;बाव बनाया जा रहा है कि वो इस्तीफ़ा दें। भाजपा ने इन सभी आरोपों का खं’डन किया। इसके पहले स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कल कहा कि बीएस येदयुरप्पा ने उनसे कहा है कि वो कल विश्वासमत की कार्यवाई को देखें। उन्होंने आगे कहा कि फाइनेंस बिल भी 31 जुलाई को लेप्स होने की कगार पर है, इसलिए उन्होंने विधायकों से अपील की कि वि’श्वास मत के दौरान मौजूद रहें”

भाजपा नेता भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहे हों लेकिन कहीं न कहीं उन्हें इस बात का ड’र भी है कि कांग्रेस-जेडीएस उसका खेल बि’गाड़ सकती है। इसी बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने ये ब’यान दिया है कि बीएस येदियुरप्पा को ब’हुमत सिद्ध करने में मुश्किलें आ सकती हैं। उन्हें लगता है कि उनके पास ब;हुमत है लेकिन ऐसा नहीं है। हाउस में वो’टिंग के समय जो लोग रहेंगे वही वोट दे सकते हैं, क्या पता बीजेपी वाले ही येदियुरप्पा के खि;लाफ वोट दे दें?

इस बयान के बाद एक ह’लचल पैदा हो गयी है। बीजेपी के पास एक नि’र्दलीय समेत 106 विधायक यानी ब’हुमत से एक ज़्यादा है जबकि कांग्रेस जेडीएस गठबंधन के पास स्पीक’र समेत 100 वि’धायक हैं। एक नॉमिनेटेड और दूसरा बीएसपी का बा’ग़ी जो कॉन्ग्रेस और बी’जेपी दोनों के खिलाफ है। अब इस बात का फ़ै’सला समय आने पर ही होगा कि क्या ये’दयुरप्पा सर’कार ब’हुमत सि’द्ध कर पाएगी?

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