य’हूदी और मुस’लमान दोनों ही नहीं खाते सू’अर का गो’श्त, दोनों ध’र्मों की ये बातें हैं ख़ास..

October 18, 2020 by No Comments

आज हम आपको बताने जा रहे हैं हलाल और कोशर फ़ूड नियमों के बारे में. सबसे पहले तो हमें ये समझना ज़रूरी है कि ‘हलाल’ और ‘कोशर’ फ़ूड नियम क्या होते हैं. असल में ‘हलाल’ उस भोजन या खाद्य पदार्थ को कहते हैं जिन्हें इस्लामिक मानकों में खाने लायक़ माना जाता है जबकि यहूदी धर्म के लोग जिन चीज़ों को खा सकते हैं उन्हें ‘कोशर’ कहते हैं. ‘हलाल’ और ‘कोशर’ में क्या समानताएं हैं या फिर क्या फ़र्क़ हैं इसको थोड़े से में समझने की कोशिश करते हैं.

मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए सुवर का मी’ट खाना हराम माना जाता है. यानी कि सुवर का मी’ट हलाल नहीं है बिलकुल यही बात यहूदी समुदाय में भी है. यहूदी समुदाय सुवर के मी’ट को कोशर नहीं मानता यानि कि इसको खाया नहीं जा सकता. दोनों धर्म के डाइट में ये एक बड़ी समानता है. एक और बड़ी समानता है कि दोनों ही धर्म के लोगों को सख्त मनाही है कि वो ख़ून का सेवन करें, मतलब अगर कोई मी’ट खाया जा रहा है तो इसका ख़याल रखा जाए कि उससे ख़ून पूरी तरह साफ़ हो जाए. हलाल और कोशर में ये भी एक समानता है.

दोनों ही धर्मों के लोगों के लिए मी’ट खाने के लिए जानवर को काटने का एक तरीक़ा है जो हलाल और कोशर मेथड में काफ़ी एक जैसा है. दोनों धर्मों की डाइट में एक बड़ा अंतर है कि मुस्लिम समुदाय के लोग दूध और मी’ट साथ खा सकते हैं और ये किसी तरह से ग़लत नहीं होगा वहीं कोशर नियमों के मुताबिक़ मी’ट और दूध साथ में नहीं खाए जा सकते. मतलब दोनों अलग अलग टाइम पर खाए जा सकते हैं लेकिन मी’ट प्रोडक्ट्स दूध प्रोडक्ट्स के साथ नहीं खाए जा सकते. इसको लेकर अगर आपको और समझना है तो इस पोस्ट में दिए वीडियो पर क्लिक करें.

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