यु’द्ध-विराम को लेकर हमास ने रखी है ये शर्त, ग़ाज़ा पट्टी ही नहीं जेरुसलम से भी..

May 18, 2021 by No Comments

हमास और इज़राइल के बीच चल रही ताज़ा लड़ाई में अब कोशिशें हो रही हैं कि किसी तरह से दोनों को यु’द्ध-विराम के लिए राज़ी किया जाए. एक तरफ़ जहाँ इज़राइल दिखा रहा है कि वो झुक नहीं रहा वहीं हमास ने साफ़ कर दिया है कि अगर यु’द्ध-विराम की शर्तों में ग़ाज़ा के अलावा जेरुसलम का मुद्दा नहीं रहेगा तो वो यु’द्ध-विराम पर राज़ी नहीं होगा.

हमास की माँग है कि यु’द्ध विराम की शर्तों में ये शामिल किया जाए कि इज़राइल जेरुसलम के शेख़ जर्राह में रह रहे फ़िलिस्तीनी परिवारों को निकालने की कोशिश नहीं करेगा. इसके अतिरिक्त हमास इज़राइल से गारंटी चाहता है कि वो जेरुसलम में स्थित धार्मिक स्थलों को नुक़सान पहुँचाने की कोशिश नहीं करेगा. इस तरह का कोई भी समझौता अगर होता है तो उसे हमास की बड़ी जीत माना जाएगा. बस यही वजह है कि इज़राइल यु’द्ध-विराम करना तो चाह रहा है लेकिन कर नहीं पा रहा.

असल में इज़राइल और हमास दोनों के लिए ये जंग ऐसी नहीं है कि वो एक को हरा लेगा. इज़राइल को मालूम है कि वो ग़ाज़ा में अपनी थल-सेना नहीं भेज सकता वहीं हमास को पता है कि वो इससे जो हासिल कर सकता था वो अब कर चुका है. इस जंग में भले फ़िलिस्तीनी नुक़सान ज़्यादा हुआ है लेकिन उसकी वजह ग़ाज़ा की घनी आबादी है और इज़राइल द्वारा कथित रूप से जानबूझकर नागरिक इलाक़ों पर हमला करना रहा है.

एक बात ज़रूर है कि पिछले कुछ सालों से फ़िलिस्तीन का मुद्दा कम नज़र आ रहा था, वो फिर से चर्चा में आ गया है और हमास एक बार फिर फ़िलिस्तीन का “रखवाला” बनकर उभरा है. फ़िलिस्तीन के वेस्ट बैंक और ग़ाज़ा के लोगों को इस कनफ्लिक्ट ने एकजुट कर दिया है. वहीं दूसरी ओर इज़राइल के दक्षिणपंथी नेताओं के लिए अपना राजनीतिक बेस बढ़ाने का मौक़ा मिला है.

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