नई दिल्ली: चीन से शुरू हुए को’रोना संक्रमण ने पिछले साल दुनियां के कई देशों में हा’हाकार मचा दी। भारत में इस संक्रमण से ब’चाव के मद्देनज़र 22 मार्च 2020 को पीएम मोदी द्वारा देशभर में जनता क’र्फ्यू का आह्वान किया गया। जिसके बाद फिर लॉ’कडाउन का दौर शुरू हो गया। फिर जब वै’क्सीन पर रिसर्च शुरू हुई और वैक्सीन के इ’मरजेंसी इस्तेमाल पर मंज़ूरी मिली तब कोरोना का भ’य कम होता नज़र आया। लोगों की ज़िंदगी लंबे समय से चलते आ रहे लॉकडाउन के खुलने के बाद धीरे धीरे पटरी पर आने लगी।

2021 कि शुरुआत में सभी एक बेहतर उम्मीद तलाश रहे थे। एक समय में कोरोना संक्रमण कम हो गया है ये भी माना जाने लगा। लेकिन नए साल की शुरूआत के बाद मार्च के महीने से जिस तरह कोरोना संक्रमण की दूसरी ल’हर सामने आई है उसने एक बार फिर चिं’ता की लहर पैदा कर दी है। कोरोना की दूसरी लहर के कारण देश के कई राज्यों ने नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन जैसी रोक लगा दीं हैं।

जहां अधिक मामलें सामने आ रहे हैं वहां पर पूर्ण लॉकडाउन पर भी विचार किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन का लॉकडाउन को लेकर बड़ा ब’यान दिया है। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्स्प्रेस के मुताबिक, उन्होंने कहा है कि, “लॉकडाउन का असर भ’यंकर हो सकता है, कोरोना की दूसरी लहर को नि’यंत्रित करने में लोगों की भूमिका के बारे में भी कहा”।

उन्होंने आगे कहा, “कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के बारे में सोचते हुए पर्याप्त लोगों को टीका लगाए जाने तक हमें इस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना करना होगा। और इस संक्रमण की कई और लहरें भी हो सकती है”। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविशील्ड वैक्सीन के दो डोज़ के बीच 8-12 हफ्तों का अंतर रखने की सलाह दी है. तो वहीं इसपर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि, “फिलहाल बच्चों को वैक्सीन लगाने की सलाह नहीं है, लेकिन हां दो खुराक के बीच के अंतर को 8 से 12 हफ्तों तक बढ़ाया जा सकता है”।

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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