इस बात को लेकर चल रहे ‘यु’द्ध’ को ख़’त्म करने के लिए सऊदी अरब करेगा अहम् बैठक, फ़ैसले पर..

कोरोना वाय’रस के कार’ण लगाए दुनिया के लॉकडाउन की वजह से सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है। वहीं इस वाय’रस से सऊदी अरब का तेल बाज़ार भी काफी प्रभावित हुआ है। जिसकी वजह से गुरुवा’र दो अप्रैल को सऊदी अरब ने अचानक ज़रूरी बैठक बुलाई। इस बैठक में तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के साथ अन्य सहयोगी तेल उत्पादक देश भी शामिल हुए। सऊदी अरब ने कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चल रहे युद्ध के कार’ण यह बैठक बुलाई ताकि इससे तेल बाजार को स्थिर करने के तरीके मिल सकें।

सऊदी प्रेस एजेंसी ने एक बयान के हवाले से कहा है, “सऊदी अरब ने ओपेक और अन्य सहयोगी देशों की बैठक बुलायी है। इस बैठक का मकसद तेल बाजार को संतुलित करने के लिये निष्पक्ष समझौते पर पहुंचना है।” बता दें कि अमेरिका के रा’ष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच फोन पर बातचीत हुई थी जिसके बाद यह बैठक बुलवाई गई। सऊदी अरब ने बताया था कि उसने तेल उत्पादन में कटौती और 22 देशों का समर्थन हासिल करने को लेकर ओपेक और सहयोगी देशों के साथ समझौते की कोशिश की थी। लेकिन फिर भी आम सहमति नहीं बन पाई थी।

Oil export

बता दें कि इससे पहले सऊदी अरब ने इस सबका ज़िम्मेदार रूस को बताते हुए कहा था कि “रूस ने अतिरिक्त उत्पादन में पहले से जारी 17 लाख बैरल प्रति दिन की कटौती के अलावा 15 लाख बैरल प्रति दिन की और कटौती पर सहमत होने से इनकार कर दिया था।” जिसके बाद सऊदी अरब ने कहा कि वह अप्रैल में एक करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल की पैदावा’र करेगा जिसमे इज़ाफ़ा करके 1.06 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक किया जाएगा। जिसका सारा मकसद सिर्फ विश्व तेल बाजारों में तेल की सप्लाई को बढ़ाना था। जिसके बाद तेल कि कीमत 18 साल के नीचे स्तर पर पहुंच गया था जिससे अमेरिका के लिए तेल का उत्पादन करना महंगा पड़ने लगा इसलिए उसने सऊदी अरब पर दबाव डालना शुरू कर दिया।

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.