वायरस के ख़’तरे को कम आँकने वाले ट्रम्प के लिए अब चुनाव में भी खड़ी हुई मुसीबत..

October 3, 2020 by No Comments

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना संक्रमित हो गए हैं. उनके कोरोना की चपेट में आने से उनके उन दावों को धक्का लगा है जिसमें उन्होंने इस वायरस को संजीदगी से नहीं लिया था. उनके समर्थकों ने कई जगह लॉकडाउन का विरोध भी किया और इसका अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन ट्रम्प ने भी किया. इतना ही नहीं अमरीका में हुई एक रिसर्च में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने इस वायरस को लेकर मिस-इनफार्मेशन फैलाई और ग़लत-जानकारी देने के मामले में उन्होंने 38 फ़ीसद तक योगदान दिया.

राष्ट्रपति ट्रम्प इतने पर ही नहीं रुके थे बल्कि उनके प्रतिद्वंद्वी जो बाईडेन के साथ जब वो डिबेट के लिए खड़े हुए तो उन्होंने उनके मास्क पहनने पर ही तंज़ कर दिया. ट्रम्प के अलावा उनकी पत्नी और फर्स्ट लेडी मिलानिया ट्रम्प भी वायरस की चपेट में हैं. ट्रम्प के वायरस संक्रमित होने की वजह से उनकी पार्टी को चुनाव अभियान के लिए कुछ अलग चीज़ें करनी होंगी. रिपब्लिकन पार्टी और उनके कैम्पेन मैनेजर ने ट्रम्प के चुनाव प्रचार से सम्बंधित सभी सभाओं को फ़िलहाल स्थगित कर दिया है.


ट्रम्प का वायरस संक्रमित होना उनके राजनीतिक अभियान के लिए भी बड़ा झटका है. इस साल नवम्बर के शुरू में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प और बाईडेन के बीच पहले ही काँटे का मुक़ाबला था लेकिन अब ट्रम्प इसमें पिछड़ सकते हैं. जानकार इसकी तीन वजह मानते हैं- सबसे पहले वजह तो या है कि ट्रम्प जिस बीमारी को बीमारी नहीं मान रहे थे उसी की चपेट में आ गए हैं तो अब उन पर ये सवाल और कड़ाई से उठेंगे कि उन्होंने कोरोना को सीरियस नहीं लिया. यही वजह है कि अमरीका में इस वायरस का प्रभाव सबसे अधिक रहा.

दूसरी वजह ये है कि कोरोना की वजह से ट्रम्प के प्रचार अभियान पर रोक लग गई है. ट्रम्प के सलाहकार अब ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस चुनाव प्रचार को कैसे किया जाए और चूंकि ये बहुत ही निर्णायक समय था जो अब कम से कम दस दिन के लिए तो गया. ट्रम्प की सेहत ठीक होने और उनका क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने की स्थिति में भी कम से कम इतना समय तो लगना ही है. तीसरी वजह है ट्रम्प का मास्क पहनने को लेकर बाईडेन पर तंज़ कसना.

अब इसी तंज़ का फ़ायदा उठाते हुए बाईडेन ने कैम्पेन शुरू किया है “वियर द मास्क”. ट्रम्प यहाँ दो मुश्किलों में फँसे हैं, पहली बात तो ये कि ट्रम्प के समर्थक इस वायरस को सीरियस नहीं लेते हैं तो अब वो उन्हें ये यक़ीन दिलाएँ कि ये सीरियस बात है. दूसरी बात ये कि अब वो अपनी सारी बेतुकी पुरानी बातों को जस्टिफाई कैसे करेंगे.

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