विधानसभा चुनाव से पहले बसपा ने किया मुख्य विपक्षी दल से गठबंधन, इस राज्य में..

2022 विधानसभा चुनाव को लेकर ग’हमागह’मी तेज़ हो गई है. अगले साल की शुरुआत में कई अहम् राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं जिनमें उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्य भी शामिल हैं. पंजाब की बात करें तो यहाँ शिरोमणि अका’ली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुक़ा’बला होने की उम्मीद है. जानकार मानते हैं कि यहाँ कांग्रेस की स्थिति बाक़ी दलों से बे’हतर है.

फ़िलहाल सत्ता पर क़ाबिज़ कांग्रेस और उनकी पार्टी के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बारे में जनता में ज़्यादा रोष नहीं है. दूसरी ओर अ’काली दल भी मामले को आसान तरह से लेने के मूड में नहीं है. अ’काली दल जिसका कई साल तक भाजपा से गठबंधन था, अब भाजपा से अलग हो चुकी है. किसान आन्दोलन का प्रभाव भी राज्य में बहुत अधिक है जिसकी वजह से भाजपा से दोस्ती रखना अका’ली के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है.


इस बीच बड़ी ख़बर आ रही है कि अका’ली दल ने पंजाब चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी से गठ’बंधन कर लिया है. इस गठबंधन के साथ सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाली पार्टी का लक्ष्य पिछले साल सितंबर में भाजपा से अलग होने के बाद कई सीटों के अंतर को भरना है. राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा 20 सीटों पर और अकाली दल 97 सीटों पर चुनाव ल’ड़ेगी.

गठबंधन की घोषणा करते हुए शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसे ‘‘पंजाब की राजनीति में नया सवेरा बताया.” बसपा महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा की उपस्थिति में उन्होंने कहा, ‘‘आज ऐतिहासिक दिन है. पंजाब की राजनीति की बड़ी घटना है.” उन्होंने कहा कि शिअद और बसपा साथ मिलकर 2022 विधानसभा चुनाव और अन्य चुनाव ल’ड़ेंगे.


उन्होंने कहा कि मायावती नीत बसपा पंजाब के 117 विधानसभा सीटों में से 20 पर चुनाव ल’ड़ेगी, बाकी सीटें शिअद के हिस्से में आएंगी. बसपा के हिस्से में जालंधर का करतारपुर साहिब, जालंधर पश्चिम, जालंधर उत्तर, फगवाड़ा, होशियारपुर सदर, दासुया, रुपनगर जिले में चमकौर साहिब, पठानकोट जिले में बस्सी पठाना, सुजानपुर, अमृतसर उत्तर और अमृतसर मध्य आदि सीटें आयी हैं.

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