भाजपा को भी हुआ कांग्रेस वाला ‘रोग’?, राजस्थान मामले में जो हुआ वो..

July 31, 2020 by No Comments

राजस्थान में चल रहे सिया’सी बवा’ल में कांग्रेस के सिर से संक’ट के बादल हट चुके हैं, जिसके बाद से ही बीजेपी में खल’बली मची हुई है। बीजेपी पर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने के आरो’प लगे थे, जिसके बाद से ही बीजेपी को आलो’चनाओं का सामना करना पड़ रहा था। वहीं अब वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी बीजेपी पर टिप्प’णी की है। उन्होंने कहा है कि सत्ता के रंग में रंगी बीजेपी का अब कांग्रेसीकर’ण हो चुका है। उनका कहना है कि बीजेपी अब वही कर रही है, जो कांग्रेस पहले से करती आई है।

इसके साथ ही सरदेसाई ने 1998 में उत्तर प्रदेश में हुई घ’टना का उदाहर’ण भी दिया कि कैसे वर्तमान राज्यपाल कलराज मिश्र ने तत्कालीन राज्यपाल रोमेश भंडारी के खिलाफ ध’रना दिया था। जिसके विरो’ध में बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल भी लखनऊ में धरने पर बैठ गया था। वहीं अब कांग्रेस के विधायकों ने राज्यभवन के सामने ध’रना दिया था। इसके अलावा विधानसभा सत्र बुलाने के लिए अशोक गहलोत ने कलराज मिश्र के पास प्रस्ताव भी भेजे थे, जिसपर अब राज्यपाल ने फैसला सुनाते हुए प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। विधानसभा सत्र बुलाने को मंजूरी देते हुए उन्होंने 21 दिनों के नोटिस पीरियड की शर्त रखी है।

Rajdeep sardesai[/caption]

राज्यपाल की इस शर्त पर सरदेसाई ने कहा है विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए यह 21 दिन काफी है। उनका कहना है कि यह 21 दिन कांग्रेस सरकार गिराने के लिए बहुत हैं। सरदेसाई ने उदहार’ण देते हुए बताया है कि “साल 2017 में गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा और मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने बिना बहुमत के बीजेपी सरकारों को जल्दबाजी में शपथ दिलाई थी। साल 2018 में भी कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला जो पहले गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं, ने बीएस येदुरप्पा को बिना बहुमत के ही सरकार बनाने का न्योता दिया था। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 48 घंटे में ही यह सरकार गिर गई थी।”

वहीं साल 2019 में भी महारा’ष्ट्र में भी देवेंद्र फडणवीस ने बिना बहुमत के शपथ ली थी, जिसके दो दिन बाद ही उनकी सरकार गिर गई थी। इन सभी उदाहर’णों के जरिए सरदेसाई कहना चाहते हैं कि आज बीजेपी के नेता और उनके गवर्नर वही काम कर रहे हैं जो कांग्रेस पार्टी पहले से करती आई है। कांग्रेस की सरकार ने भी राजभवनों का सही ढं’ग से उपयोग नहीं हुआ था, अब भी वैसा ही हो रहा है।

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