एरदोगन की ध’मकी के बाद अब अमरीका का चौं’काने वाला बयान, ’34 किलोमीटर ज़मीन ह’में दो’

अंकारा: एक समय था जब तुर्की और अमरीका के स’म्बन्ध बहुत अच्छे माने जाते थे. हालाँकि ये कोई बहुत पुरानी बात नहीं है लेकिन फ़िलहाल दोनों देशों के बीच स’म्बन्ध अच्छे नहीं हैं. सिर्फ़ इतना ही नहीं है अब दोनों देश खुले तौर पर एक दूसरे को ध’मकी देने लग गए हैं.सीरिया में जो हालात हैं उसके बाद स्थिति और नाज़ु’क हो गई है.

हाल ही में तुर्की के ताक़तवर राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन ने कहा कि जब तक देश के दक्षिण में बन रहे हाला’त को ठीक नहीं किया गया तुर्की सेफ़ फील नहीं कर सकता है. उन्होंने दक्षिण तुर्की बॉर्ड’र पर कुर्द ल’ड़ाकों को कैंस’र बताया है. आपको बता दें कि इन ल’ड़ाकों को अमरीका का समर्थ’न हासिल है. एरदोगन कहते हैं कि अगर हमने आज ज़रूरी क़’दम नहीं उठाये तो आने वाले दिनों में हमें भा’री क़ी’मत चुकानी होगी.

इस बयान के बाद अमरीकी डि’फेंस सेक्रे’टरी मार्क इसपर का बयान आया. इसपर ने इसे सीधे ध’मकी मानते हुए कहा कि हम मानते हैं कि किसी भी तरह का एकपक्षीय फ़ैस’ला ब’र्दाश्त न होगा. उन्होंने कहा कि हम इसे रो’केंगे. अमरीका और तुर्की लम्बे समय से उत्तरी सीरिया में सुरक्षि’त क्षे’त्र को लेकर बात कर रहे हैं. ये बात्चीर यूफ्रातेस नदी के पूर्वी छोर के लिए है.

असल में तुर्की ३२ किलोमीटर ज़मीन की माँग कर रहा है. तुर्की इस पर पूरा कण्ट्रोल च्चाहता है, ये ज़मीन सीरिया है लेकिन तुर्की का मानना है कि ये उसके देश क सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी है. अरब न्यूज़ वेबसाइट पर छपी ख़बर के मुताबिक़ सीरिया में अमरीका के स्पेशल एन्वोय जेम्स जेफ़्री ने कहा कि तुर्की ज़्यादा ज़मीन चाहता है जोकि हमारी समझ के बाहर है. अम्ररीका ने तुर्की को तक़रीबन 14 किलोमीटर ज़मीन देने की पेशकर की थी.

दूसरी ओर तुर्की की सेना पूरी तरह से तैयार नज़र आ रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ समय से तुर्की की सेना के जवान सीरिया के बॉर्डर पर तैनात हैं..सभी ज़रूरी तैयारियां पूरी हैं. मध्य एशिया में जिस तरह के हालात बन रहे हैं उससे अमरीका और तुर्की एक दूसरे के सामने आ सकते हैं.

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