लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा महारथी आज भी किसी को माना जाता है तो वो मुलायम सिंह यादव हैं. मुलायम के क़रीबी मानते हैं कि ‘नेताजी’ जीतें या हारें लेकिन वो ज़मीन पर नज़र और दिमाग़ लगाये रहते हैं. मुलायम सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. हालाँकि उम्र और सेहत उन्हें बहुत अरसे से राजनीतिक गतिविधि से अलग किए हुए हैं. फिर भी, कुछ ऐसी घटना हो गई है जिसके बाद ‘नेताजी’ चर्चा में आ गए हैं.

चर्चा में सिर्फ़ नेताजी नहीं हैं बल्कि भाजपा के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी हैं. स्वतंत्र देव सिंह ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मुलाक़ात की है. सिंह ने ट्वीट किया कि आदरणीय मुलायम सिंह जी ‘नेता जी’ से उनके आवास पर भेंट कर कुशल क्षेम जाना एवं आशीर्वाद प्राप्त किया. मैं ईश्वर से उनकी उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं.

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का मुलायम सिंह यादव से जाकर मिलना, राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुलायम सिंह और स्वतंत्र देव सिंह की मुलाक़ात में कई राजनीतिक और ग़ैर-राजनीतिक बातें भी हुईं. मुलायम ने यूपी बीजेपी अध्यक्ष से कहा कि वे उन्हें समाजवादी पार्टी में लाना चाहते थे.


इस बात पर पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं से चर्चा भी हुई थी. लेकिन फिर बात आगे नहीं बढ़ी. आपको बता दें कि बीजेपी के दिग्गज नेता रहे और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद मुलायम सिंह उन्हें श्रद्धांजलि देने नहीं गए थे. इस बात पर भाजपा नेता कुछ उखड़े भी नज़र आए. अब ये मुलाक़ात जो हुई है उसके राजनीतिक मायने निकलने लगे हैं.

बता दें कि इस समय सपा के अध्यक्ष मुलायम के बेटे अखिलेश यादव हैं. अखिलेश ने 2016 के अंत में ही पार्टी पर अपना क़ब्ज़ा जमाना शुरू किया था और 2017 तक वो इसमें कामयाब हो गए थे. इसके साथ ही मुलायम के भाई शिवपाल यादव पार्टी से अलग हो गए और उन्होंने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली.

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