यूरोपीय देश को तुर्की के राष्ट्रपति का जवाब-‘हमारे ऊपर धम’कियाँ काम नहीं करतीं’

September 17, 2020 by No Comments

अंकारा: तुर्की और ग्रीस के बीच ईस्टर्न मेडीटेरेनियन में चल रहा विवाद अब बातचीत पर आ गया है. दोनों ही देशों की तरफ़ से चिंताजनक बातें हो रही थीं लेकिन अब दोनों ही देश बातचीत पर आ गए हैं. तुर्की लगातार ये आरोप लगा रहा है कि ग्रीस बिना-वजह धम’की और ब्लैकमेल कर रहा है. जुमेरात के रोज़ तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने अंकारा में कहा कि तुर्की ने जिस तरह से मज़बूती दिखाई उसके बाद ग्रीस को बातचीत पर आना ही पड़ा.

एदोआन ने ये बातें राजधानी में हो रहे एक अवार्ड समारोह के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि ग्रीस को अब ये मालूम चल गया है कि ईस्टर्न मेडीटेरेनियन में धम’की की भाषा नहीं चलेगी. एर्दोआन ने कहा कि तुर्की धम’की और ब्लैकमेल से डरने वाले देशों में से नहीं है. हालाँकि उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि उनका देश बातचीत ही चाहता था और अब जबकि बातचीत हो रही है तो अच्छा है.

उन्होंने साथ ही कहा कि हमने एक बड़ा देश की मर्यादा को बना के रखा जबकि दूसरी तरफ़ से बचकाना व्यवहार हो रहा था. तुर्की और ग्रीस के मिलिट्री डेलीगेशन की मीटिंग ब्रसल्स में हुई. ब्रसल्स नाटो का हेडक्वार्टर है. आपको बता दें कि नाटो के सदस्य ग्रीस और तुर्की दोनों ही देश हैं. एक समय नाटो सोवियत यूनियन के ‘वॉरसॉ पैक्ट’ के मुक़ाबला करने का संगठन था. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही ग्रीस और तुर्की के बीच मीटिंग के सकारात्मक नतीजे आयेंगे. कई देशों ने दोनों देशों से बातचीत की अपील की थी.

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