ट्रम्प को भारी प’ड़ा तुर्की के ख़िला’फ़ लिया गया फ़ैसला?, एरदोगन के इस एला’न से ह’ड़कंप

तुर्की और अमरीका के बीच अब पहले जैसे सम्बन्ध नहीं है. अमरीका के सबसे पुराने सहयोगी देशों में से एक तुर्की लम्बे समय से अमरीका का क़रीबी सहयोगी माना जाता रहा है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सत्ता संभालनी के बाद से ही रिश्तों में ख’टास आनी शुरू हो गई थी. हाल ही में लेकिन स्थिति और ख़’राब होती दिख रही है. तुर्की के पोपुलर राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन ने कहा कि अमरीका द्वारा तुर्की को ध’मकाने की स्थिति में अंकारा, अमरीका से अरबों डाॅलर के विमानों की ख़रीदारी न करने का फ़ैसला करेगा।

पार्स टुडे डॉट कॉम की एक ख़बर के मुताबिक़, रूस से मिसाइल सिस्टम एस-400 की ख़रीदारी के बाद से ही अमरीका तुर्की से नाराज़ हा लेकिन तुर्की भी किसी भी स्थिति में दबने की हालत में नहीं दिख रहा है. एरदोगन ने कहा है कि अमरीकी कंपनी बोइंग से दस अरब डाॅलर के विमान ख़रीदने का सौदा संभवतः अब अमरीका से न होकर रूस से होगा. एरदोगन के इस बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि अब अमरीका का पुराना साथी रूस के साथ जा सकता है.

पिछले कुछ वर्षों के दौ’रान इन दोनो देशों के बीच कई विषयों पर त’नाव देखने को मिला है। इन तना’व के नतीजे में तुर्की की तुलना में अमरीका को अधिक आर्थिक नुक़सान हुआ है। इसी बीच तुर्की यह प्रयास कर रहा है कि अमरीका से अपनी निर्भर्ता को कम करने के लिए वह ईरान तथा रूस से संबन्धों को अधिक मज़बूत करे। अमरीका तुर्की को यह धमकी पहले ही दे चुका है कि अगर उसने रूस से हथियार ख़रीदने की कोशिश की तो उसके विरुद्ध प्रतिबंध लगा दिये जाएंगे।

इसी बीच तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने रूस से मिसाइल सिस्टम एस-400 की ख़रीदारी को अपनी ज़रूरत बताया है। अमरीका की ओर से तुर्की को लगातार धमकी देने के बावजूद एसा लगता है कि वह अंकारा से अधिक छेड़छाड़ नहीं करेगा क्योंकि वाशिग्टन को लगता है कि एसे में कहीं उसका एक स्ट्रैटेजिक घटक उसके हाथ से न निकल जाए। हालांकि रूस से मिसाइल सिस्टम ख़रीदने पर अमरीका अपनी नाराज़गी जता चुका है।

अमरीका ने तुर्की को धमकी दी कि वह एफ-35 यु’द्धक विमानों के निर्माण के कार्यक्रम से तुर्की को निकाल सकता है। इस अमरीकी धमकी के जवाब में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने कहा है कि अगर अमरीका ने एसा किया तो फिर अंकारा, वाशिग्टन से 100 यात्री विमान की ख़रीदारी के समझौते को निरस्त कर देगा।

वास्तव में अमरीका, तुर्की को इस स्थिति में ध’मका रहा है कि जब उसके पास कई विकल्प पहले से मौजूद हैं। अर्दोग़ान के बयान पर रूस के एक सैन्य विशेषज्ञ “वैसली कैसीन” कहते हैं कि इससे पता चलता है कि तुर्की, अमरीका से अपनी निर्भर्ता कम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि रूस से विमान ख़रीदने के बारे में अर्दोग़ान का बयान इसी बात की पुष्टि करता है।

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.