ट्रि’पल तला’क़ बिल पर वोटिंग में आया चौं’काने वाला नतीजा, सेलेक्ट समिति को भेजने के..

नई दिल्ली: क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज मुस्लिम महि’ला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक- 2019 राज्यसभा में पेश किया. प्रसाद ने इसे पेश करते हुए कहा कि तीन त’लाक नि’षेध विधे’यक मानवता, म’हिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने वाला है. भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार को पूरी उम्मीद थी कि राज्यसभा में भी ये बिल पा’रित हो जाएगा. परन्तु भाजपा की सहयोगी जदयू ने इस बिल का वि’रोध किया और वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया..

ग़नीमत ये रही कि जदयू ने बिल के ख़िलाफ़ वोटिंग नहीं की. जदयू ने वाक-आउट करने का फ़ैसला किया. वहीँ AIADMK ने भी सदन से वाक आउट करने का फ़ैसला किया. इस बिल के बारे में बिहार राज्य के जदयू अध्यक्ष ने कहा,”तीन तला’क बिल पर सरकार को मुस्लिम समुदाय के साथ बात करनी चाहिए थी. उनकी सहमति लेना जरूरी था. इस मामले पर अभी समाज में और जन जागरण की जरूरत है. सामाजिक जागरूकता कैम्पेन चलाना जरूरी होगा.”

वहीँ जदयू के इस फ़ैसले पर भाजपा ने ज़्यादा ज़ोर न देने की बात कहते हुए कहा कि हर पार्टी की अपनी विचारधारा होती है. भाजपा नेता नेता और राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने कहा,”हर पार्टी की अपनी विचारधारा होती है. जदयू ने तीन त लाक बिल को अपने तराजू पर तौला और बहि’ष्कार करने का निर्णय किया. हमें विश्वास है कि तीन तला क बिल हम पास करा लेंगे. बीजू जनता दल ने कहा कि वो इस बिल का समर्थन करेगी.

बीजेडी सांसद प्रसन्ना आचार्य ने राज्यसभा में कहा- हम तीन तला’क बिल का समर्थन करते हैं. बीजेडी ने हमेशा महि’ला सशक्तिकरण के लिए काम किया है. हमने लोकसभा चुनाव में एक तिहाई म’हिलाओं को टिकट दिए. JDU और AIADMK के वॉकआउट से मोदी सरकार की राह आसान होती दिख रही थी. वहीँ अंतिम समय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस भी पहुँच गए.

बिल को सेलेक्ट समिति में भेजने के पक्ष में सिर्फ़ 84 वोट पड़े और 100 इसके वि’रोध में पड़े. इसका अर्थ ये हुआ कि बिल को जॉइंट सेलेक्ट समिति में नहीं भेजा जाएगा. वोटिंग के दौरान बसपा, तेदेपा, टीआरएस के साँसद नज़र नहीं आये. राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने सेलेक्ट समिति के प्रस्ताव के गि’रने के बाद कहा कि हम महि’ला सशक्तिकरण चाहते हैं और इसीलिए कुछ सुझाव हमने बताये थे लेकिन स’त्ता पक्ष ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया इसलिए हमें बिल के ख़िलाफ़ वोट करना पड़ेगा. बिल राज्यसभा में पा’रित हो गया, प’क्ष में 99 और विरो’ध में 84 वोट प’ड़े.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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