दोस्तों इस्लाम में मिया और बीवी का रिश्ता सबसे अफ़ज़ल रिश्ता बताया गया है मिया और बीवी के रिश्ते को लिबास के बराबर बताया गया है यहाँ तक कहा गया है की अगर अल्लाह के सिवा किसी और को सजदा करने का हुक्म दिया जाता तो बीवी को शौहर के आगे सजदा करने का हुक्म दिया जाता, शौहर और बीवी का रिश्ता इस्लाम सबसे ज़ादा कीमती रिश्ता है, एक मरतबा आप से पूछा गया या रसूल अल्लाह आपको सबसे ज्यादा किस से प्यार है फिर चौंक कहने लगे मैं पूछ रहा हूं लोगों में आपको किस से ज्यादा प्यार है तो आप कहते अबू बकर से लेकिन आप ने फरमाया कि मुझे आयशा के बाप से ज्यादा प्यार है


ये हमें और आपको मैसेज दिया गया है कि घर की जिंदगी कैसे होती है अम्मी आयेशा की उम्र कम थी उन्हें आटा गोंद कर देते थे जब उनको आटा गोदना आ गया तो फिर आपने छोड़ दिया उनको सामने बैठा कर लुकमा बनाकर खिलाते थे। ऐसे ही कुछ मां बाप अपने बच्चे को अपने काबू में रखने की तरकीब सोचते हैं तो वह भी अपनी बच्ची का घर बर्बाद कर देते हैं मेरे नबी से पूछा गया औरत के सबसे पहला हक किसका है तो आपने फरमाया उसके पति का एक औरत ने सवाल किया मेरे पति का मुझ पर क्या हक है

तो आपने इरशाद फरमाया तेरे पति का जिस्म पीप से भरे जख्म को अगर तू अपनी जुबान से चाट चाट कर जख्म साफ करें तो तूने अपने पति का हक अदा नहीं किया। ऐसे ही पति को समझाया कि सबसे बेहतरीन मुसलमान वह है जो अपनी पत्नी से अच्छा बर्ताव करता है और मेरा सबसे अच्छा बर्ताव है अपनी पत्नियों के साथ सोचे नबी पाक का क्या मकाम है अल्लाह के बाद सबसे बड़ी हस्ती पति पत्नी को कैसे रहना चाहिए सिर्फ बताए ही नही बल्कि करके दिखाया भी ।

हमारे यहां अगर कोई आदमी कहे मुझे अपनी बीवी से सबसे ज्यादा प्यार है तो कहेंगे कि तेरी मां कहां गई तो जनाब मां का और रिश्ता है पत्नी का और रिश्ता है मां-बाप की वजह से पत्नी पर ज़्यादती नहीं करनी चाहिए और पत्नी की वजह मां बाप पर ज़्यादती नहीं करनी चाहिए।

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