ये हैं 8 ऐसे शख्स जिन पर जुमे की नमा’ज़ फ़र्ज़ नहीं, क्या आपको प’ता है?

July 4, 2019 by 3 Comments

अस्सलाम ओ अलैकुम, रोज़ की तरह हम हाज़िर हैं एक बार फिर धर्म की एक अहम् बात लेकर. दोस्तों आज जुमा है और जुमे से जुड़ी जानकारी आज हम लेकर आये हैं. हम सभी जानते हैं कि जुमा एक ऐसा दिन होता है जिस दिन अधिकतर मुस्लिम नमाज़ पढ़ते हैं. हमें अक्सर ये समझाया जाता है कि पांच वक़्त की नमाज़ पढ़नी चाहिए लेकिन हम इस बात पर ख़ास अमल नहीं कर पाते हैं. जुमे के रोज़ मस्जि’दों में अच्छी भी’ड़ होती है और लोग अल्लाह की इबादत करते हैं.

दोस्तों यूँ तो जुमा सभी के लिए फ़र्ज़ मना जाता है लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जिन पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है.आज हम आपको बताते हैं उन आठ लोगों के बारे में जिन पर जुमे की नमाज़ फ़र्ज़ नहीं है. सबसे पहले तो उन लोगों पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है जो सफ़र में हैं और म’स्जिद तक नहीं जा सकते. जब हम सफ़र में होते हैं तो ये मुश्किल हो जाता है कि किस तरह से मसजिद में नमाज़ पढ़ें. दूसरे नंबर पर वो लोग आते हैं जो मरीज़ हैं. मरीजों को मस्जि’द जाने में अगर दिक्क़त होती है तो उन पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है.

तीसरे नंबर पर हम बात करें तो औरतों की बात है. औरतों पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है. सभी मर्दों पर जुमा फ़र्ज़ है लेकिन औरतों पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है. चौथे नंबर पर आते हैं वो लोग जो पागल हैं. मानसिक रूप बीमार लोगों पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है.इसके बाद नंबर पांच पर आते हैं बच्चे. बच्चों पर भी जुमा फ़र्ज़ नहीं है. नबी करीम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने फरमाया जुम्मा हर बालिग मर्द पर फ़र्ज़ है.

इसका अर्थ यही है कि बच्चों पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है. नुम्बर 6 पर आते हैं वो लोग जो नाबीना हैं या अपाहिज हैं और म’स्जिद नहीं जा सकते. ऐसे लोगों पर जुमा फ़र्ज़ नहीं है. इसके अतिरिक्त आठवें नंबर पर आते हैं वो लोग जिनको हाकिम या बादशाह का डर हो कि वह जुल्मों सितम करेंगे ऐसे लोगों पर भी जुम्मे के लिए जाना फर्ज नहीं है. दोस्तों ये वो आठ लोग हैं जिन पर जुमे की नमाज़ फ़र्ज़ नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आयी होगी. पसंद आयी तो शेयर ज़रूर करिए.

3 Replies to “ये हैं 8 ऐसे शख्स जिन पर जुमे की नमा’ज़ फ़र्ज़ नहीं, क्या आपको प’ता है?”

  1. Abdul Firoj Khan says:

    Bhai ek baar Aap kahte hai bachchon par juma farz nahi aur fir kahte hai farz hai…. Kya bole kis age ke bachchon par farz hai

    1. admin says:

      टाइपिंग एरर थी भाई, अभी ठीक कर लिया है. शुक्रिया ध्यान दिलाने के लिए. अल्लाह हाफ़िज़

  2. Nadeem says:

    जुमा कहाँ कहाँ पड़ा जा सकता है,
    हमारा कस्बा जो शहर से लगा हुआ है,उस मे पहले सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज़ होती थी,पर अब कुछ में जुमे की नमाज़ के साथ जुहर की नमाज़ जमात से होती है।

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