तेजस्वी यादव की रैलियों में भी’ड़ देखकर है’रान हुए नीतीश? भाषा की मर्यादा भू’लते हुए लालू को लेकर कही ये बात..

October 24, 2020 by No Comments

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव के अभियान से पहले बड़े कॉंफिडेंट नज़र आ रहे थे लेकिन जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, उनके हौसले कम होते जा रहे हैं. JDU और भाजपा के लोग तेजस्वी यादव को बच्चा मान रहे थे, उन्हें लग रहा था कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल के अन्दर हैं इसलिए उनकी जीत निश्चित है. परन्तु जिस तरह से तेजस्वी यादव और राजद ने माहौल बनाया है उससे भाजपा और जदयू हैरान हैं. ऐसा लग रहा है जैसे तेजस्वी यादव को सब पता है कि उन्हें कब क्या करना है और क्या बोलना है.

तेजस्वी जहाँ मज़बूत दिख रहे हैं वहीं नीतीश कुमार की रैलियों में भीड़ नज़र नहीं आ रही है. अब राजद की ग्राउंड फ़ोर्स पर है कि वो चुनाव वाले दिन कैसा काम करती है. दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के भाषण शैली की बहुत आलोचना हो रही है. शनिवार को बेगुसराय ज़िले के तेघडा विधानसभा में अपने भाषण के दौरान सीएम नीतीश कुमार एक बार फिर भाषा की मर्यादा भूल गए…उन्होंने आरजेडी शासन काल का ज़िक्र करते हुए कहा,”जब लोगों को मौक़ा मिला तो क्या किए, एक स्कूल बनाया था?”


उन्होंने तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना कहा,”अगर पढ़ना चाहते हो तो अपने बाप से पूछो अपनी माता से पूछो कि कहीं कोई स्कूल था, कहीं कोई स्कूल बन रहा था, कहीं कोई कॉलेज बन रहा था? ज़रा पूछ लो…राज करने का मौक़ा मिला तो ग्रहण करते रहे और जब अंदर चले गए, तो पत्नी को बैठा दिया गद्दी पर.” नीतीश ने फिर कहा कि यही सब तो चल रहा रहा था, उसके बाद आज बता दो कहां कोई गड़बड़ है. उन्होंने कहा कि आज कोई गड़बड़ करने वाला आदमी होगा तो अंदर जाएगा. सीएम ने कहा कि आप लोगों के बीच कोई उल्टा-पुल्टा काम नहीं कर सकेगा.

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