अफ़ग़ानिस्तान में लम्बे समय से चली आ रही अस्थिरता को किसी तरह से ठीक किया जाए इसको लेकर कई देश कोशिश कर रहे हैं. परन्तु वैचारिक मतभेद और व्यक्तिगत हित इसके आड़े आ जा रहे हैं और देश में शांति क़ायम नहीं हो पा रही है. इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अफ़ग़ान तालिबान से एक बार फिर से बातचीत शुरू कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार के रोज़ कहा कि अमरीका ने तालिबान के साथ चर्चा शुरू कर दी है.

ट्रंप अमेरिकी सैनिकों के साथ ‘थैंक्सगिविंग’ छुट्टियां मनाने के लिए बिना किसी घोषणा के अफ़ग़ानिस्तान यात्रा अपर आये हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने काबुल के बाहर बाग्राम एयरबेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सैनिकों को भोजन भी परोसा। इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘तालिबान एक समझौता करना चाहता है तथा हम उनके साथ बैठक कर रहे हैं और हम कह रहे हैं कि संघर्ष विराम होना चाहिए और वे संघर्ष विराम नहीं करना चाहते थे और अब वे संघर्ष विराम करना चाहते हैं।’

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान से बातचीत के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रम्प ने हमेशा एक रुख़ नहीं रखा है. कभी वो बेहद कड़ाई की बात करते हैं तो कभी वो समझौते की बात करते हैं. परन्तु ट्रम्प के क़रीबी मानते हैं कि ट्रम्प समझौता करना चाहते हैं जिससे कि अमरीकी फ़ौज का अफ़ग़ानिस्तान से हटना आसान रहे. ट्रंप ने सितम्बर में ये भी कहा था कि इस तरह की कड़ाई तालिबान के साथ पहले कभी नहीं की गई थी जिसके जवाब में तालिबान ने कहा था कि वो सौ साल तक भी संघर्ष को तैयार हैं.

आपको बता दें कि अमेरिका और तालिबान मसौदा शांति योजना पर सहमत थे लेकिन सितंबर में काबुल में हुए एक आ’त्मघाती ह’मले में एक अमेरिकी सैनिक की मौ’त के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत की प्रक्रिया रद्द कर दी थी। इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी, और इस हमले के चंद घंटों बाद ही ट्रंप तालिबान और अफगानिस्तान के नेताओं से मुलाकात करने वाले थे। हालांकि अमेरिकी सैनिक की मौ’त के बाद उन्होंने दोनों ही पक्षों से बातचीत रद्द कर दी।

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