अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ अली ग़नी के देश से भा’ग ख’ड़े होने के बाद तालिबान ने काबुल शहर में एं’ट्री की और देश पर पूरी तरह से अपना क़’ब्ज़ा कर लिया. तालिबान ने राष्ट्रपति भवन में भी एंट्री की और साथ ही घोषणा की कि अफ़ग़ान यु’द्ध स’माप्त हो गया है. इसके बाद पश्चिमी देशों द्वारा अपने नागरिकों और सहयोगियों को देश से बाहर निकालने के प्रयास तेज़ कर लिए गए हैं लेकिन इसके साथ ही काबुल एअरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल नज़र आ रहा है.


काबुल एअरपोर्ट से सभी तरह की कमर्शियल फ्लाइट्स को बंद कर दिया गया है और अब अलग-अलग सरकारें अपने स्तर पर नागरिकों को अपने देश ले जाने के प्रयास कर रही हैं. एअरपोर्ट पर भीड़ का मंज़र इतना ज़्यादा था कि अमरीकी सेना के लोगों ने हवा में फायरिंग की. इस बाबत ये बताया गया कि ये फायरिंग सिर्फ़ भीड़ को बेक़ाबू होने से रोकने के लिए की गई.

दूसरी तरफ़ तालिबान ने कहा है कि उनका दल दुनिया से अलग-थलग नहीं होना चाहता, ऐसे में जल्द ही सरकार गठन का कार्यक्रम शुरू होगा. तालिबान के प्रवक्ता मुहम्मद नईम ने अल जज़ीरा चैनल को दिए बयान में कहा कि ख़ुदा का शुक्र है कि यु’द्ध ख़’त्म हो गया है. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ अली ग़नी भले ही देश छोड़कर भाग गए हों लेकिन पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने एक वीडियो मैसेज के ज़रिए कहा है कि वह अपने प्रशंसकों के साथ काबुल में ही रहेंगे.


अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की हार के बाद देश में राष्ट्रपति जो बाईडेन की आलोचना बढ़ गई है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाईडेन के इस्तीफे की माँग कर दी है, वहीं उन्होंने दावा किया है कि अगर वे राष्ट्रपति होते तो अमरीका बेहतर ढंग से अफ़ग़ानिस्तान छोड़ता. इस बयान के बाद बाईडेन प्रशासन ने भी प’लटवार किया और कहा कि अमरीका और तालिबान के बीच सौदेबाज़ी ट्रम्प के ही कार्यकाल में हुई थी.

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