एरदोगन से ड’र कर कुर्दों ने लिया ये फ़ै’सला, सीरिया की एंट्री से अब ये…

सीरिया में इस समय संघर्ष एक नए मोड़ पर पहुँच गया है.राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन के नेतृत्व में तुर्की ने YPG के ख़िला’फ़ अपना सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन पीस स्प्रिंग’ के नाम से जबसे शुरू किया है तब से ही काफ़ी कुछ बदल गया है. अमरीका ने अपनी फ़ौज पूरी तरह से वापिस बुलाने की घोषणा कर दी है और वापसी शुरू भी हो गई है. YPG ने इस बीच अपने को कमज़ोर पाते हुए सीरिया-रूस से समझौता कर लिया है और अब सीरिया-रूस कुर्दी गुट के समर्थन में आ गए हैं.

इस बीच ख़बर है कि सीरिया को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. सीरियाई सेना और कुर्दों के बीच हुए समझौते के बाद अयन अल-अरब शहर पर सीरियाई सेना का क़ब्ज़ा हो गया है. इस शहर में आने का न्योता कुर्दों ने ही सीरियाई सेना को दिया है. ये क़ब्ज़ा एक समझौते की तरह है. समाचार एजेंसी सना ने इस बारे में बताया है कि सीरियाई सेना ने उत्तरी सीरिया के अलप्पो प्रांत के दूरदराज के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अयन अल-अरब शहर (कोबाना) में प्रवेश किया, जिसका वहां के स्थानीय निवासियों ने स्वागत किया है.”

आपको बता दें कि पिछले दस रोज़ से सीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े पर तुर्की की कार्यवाई जारी है. तुर्की ने साफ़ कर दिया है कि वो आ’तंक का ख़ा’त्मा किए बग़ैर नहीं रुकेगा. दूसरी ओर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस तरह की बात की है कि कोई ये नहीं कह सकता कि वो तुर्की के पक्ष में हैं या ख़ि’लाफ़. जानकार मानते हैं कि ट्रम्प के बयान तुर्की के नज़रिए से अच्छे हैं क्यूँकि ट्रम्प इस तरह का कोई दबाव नहीं बना रहे जिससे ये लगे कि वो तुर्की की कार्यवाई को रोकने के लिए संजीदा हैं.

हाल ही में एक बयान देकर ट्रम्प ने कहा कि PKK जो कि कुर्दों के साथ है, आप लोग को पता है कि ये आ’तंकवाद से भी ख़राब है. उन्होंने इसे ISIS की तुलना में भी ख़तरनाक बताया. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक वो हमारे साथ था तब तक ठीक था और जब नहीं था तब नहीं था.अमरीकी राष्ट्रपति ने ये भी दावा किया कि अमरीका का साथ देने के बदले YPG को हमने काफ़ी पैसा दिया.

उन्होंने कहा कि ये तुर्की और YPG के बीच का मुद्दा है और इससे अमरीका का कोई लेना देना नहीं है. ट्रम्प ने ये भी उम्मीद जताई कि तुर्की और सीरिया आपस में ये बातें तय कर लेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि एरदोगन द्वारा लिया गया ये फ़ैसला उन्हें चौंकाता नहीं है क्यूँकि वो पहले ही इस तरह की इच्छा ज़ाहिर कर चुके थे.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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