बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्णाटक सियासी संकट में आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने आज बाग़ी कांग्रेस विधायकों के सम्बन्ध में फ़ैसला सुनाया. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि कर्णाटक के स्पीकर को फ़ैसला लेने के लिए किसी समय सीमा में बांधा नहीं जा सकता है. इस फ़ैसले से जेडीएस-कांग्रेस को राहत मिलती लेकिन अदालत ने इसी के साथ ये भी कहा कि बाग़ी विधायकों को विश्वास मत में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता..

हालाँकि सर्वोच्च अदालत ने ये भी कहा है कि कर्णाटक के विधायकों को कल होने वाले विशवास मत में शामिल होने के लिए कम्पेल नहीं किया जा सकता है. इससे बाग़ी विधायकों को भी राहत मिली है. इस फ़ैसले के बाद कर्णाटक के बाग़ी विधायकों के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि कल के विश्वास मत के मद्देनज़र, सुप्रीम कोर्ट ने जो महत्वपूर्ण बातें कही हैं वो हैं कि 15 बाग़ी विधायकों का हाउस अटेंड करना ज़रूरी नहीं है, वो अपनी मर्ज़ी के आधार पर फ़ैसला कर सकते हैं.

रोहतगी ने कहा कि इसी के साथ तीन लाइन का जो व्हिप उनके ख़िलाफ़ जारी हुआ था कि उन्हें कल विधानसभा का सेशन अटेंड करना है वो नहीं माना जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके साथ ही अदालत ने स्पीकर को इस्तीफ़े पर फ़ैसला लेने के लिए वक़्त दिया है. वहीं भाजपा नेता जगदीश शेट्टर ने इस फ़ैसले पर कहा कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को अब विश्वास मत का इंतज़ार नहीं करना चाहिए और इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

कर्णाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीएस येद्दयुरप्पा ने सर्वोच्च अदालत के फ़ैसले पर कहा कि निश्चित है कि सरकार अब चल नहीं पाएगी क्यूंकि इसके पास नंबर नहीं हैं. वहीँ इसके बाद कर्णाटक के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि मैं जो भी फ़ैसला लूँगा वो संविधान, अदालत और लोकपाल के ख़िलाफ़ नहीं होगा.

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