नई दिल्ली: आज के दौर में देखा जाए तो मीडिया कई रूप में बं’टा हुआ है.अब मीडिया में वो निष्प’क्षता नहीं रही है जो कभी हुआ करती थी. मी’डिया में बैठे लोग कभी किसी के ख़ि’लाफ़ अभि’यान चला रहे हैं तो कभी किसी के पक्ष में. अब हैशटैग का दौर है जो सिर्फ़ किसी तरह का माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहा है.

मीडिया के इस ताज़ा ए’जेंडामई रूप की क’ड़ी आलोच’ना हो रही है परन्तु मीडिया में बैठे लोगों को इसमें नाम, पैसा और शोहरत दोनों नज़र आ रही है. ज़ी न्यूज़ के सुधीर चौधरी जिस तरह अपना प्रोग्राम डीएनए करते हैं वो भी सवालों के घेरे में रहता है. चौधरी के चाहनेवाले भी हैं लेकिन उनके विरोधी भी बड़ी संख्या में हैं.

उनकी आलो’चना करने वाले कहते हैं कि वो हमेशा दक्षि’णपंथी वि’चारधारा को प्रोमोट करते हैं और साथ ही साथ सेक्युलर पार्टियों के ख़िला’फ़ आ’पत्तिजनक टि’पण्णी करते हैं. चौधरी हालाँकि इस बात को ग़’लत बताते रहे हैं और कहते हैं कि वो हर किसी से मुश्कि’ल सवाल ही पूछते हैं. सुधीर चौधरी के बारे में उनके आलो’चक कहते हैं कि वो मुस्लिम धर्म के मानने वालों की भावनाओं को आहत करते हैं और कई बार टीवी पर ऐसी बातें बोल जाते हैं जिसकी सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है.

इसी आरोप में सुधीर के ख़ि’लाफ़ केरल पुलिस ने एक FIR दर्ज की है. ज़ी न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुधीर चौधरी पर जब ये FIR हुई उसके बाद उन्होंने अपने कार्यक्रम में इस्लाम की तारीफ़ की. इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या एक FIR ने उनके विचार बदल दिए. इस प्रोग्राम में सुधीर ने इस्लाम के पाँच स्तम्भ बताये और साथ ही ये भी बताया कि जि’हाद का वास्तविक अर्थ क्या है. उन्होंने कहा कि इस्लाम सहित दुनिया का कोई भी धर्म हिं’सा को बढ़ावा नहीं देता है. सुधीर का बदला हुआ अंदाज़ लोगों को हज़म नहीं हो रहा है. सुधीर की आ’लोचना इस बात को लेकर भी होती है कि वो अपुष्ट ख़बरें प्रसारित कर चुके हैं.
https://twitter.com/AshrafFem/status/1259074642628796416

उन्होंने अपने एक प्रोग्राम में 2000 के नोट में चिप होने की बात भी कही थी और उसको एक विश्लेषण साबित भी करने की कोशिश की थी.सुधीर ने इसके अलावा भी कई ऐसे प्रोग्राम किये हैं जिनकी वजह से उनको लेकर बहस छिड़ी रही. अब सुधीर का जो नया कार्यक्रम है उसकी चर्चा हो रही है. लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि सुधीर का नया रूप कैसे आया.कुछ लोग कह रहे हैं कि एक FIR ने ही सुधीर की बोली बदल दी. सुधीर सुधीर के इस प्रोग्राम की चर्चा तो यहाँ तक हो गई कि कुछ लोग ये तक चर्चा करने लगे हैं कि उन्होंने इस्लाम अपना लिया. हालाँकि इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है.वहीँ सुधीर चौधरी अपने ऊपर हुई ऍफ़आईआर को सच बोलने की क़ीमत बता रहे हैं.

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