कर्णाटक में बाग़ियों को लगा बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं मानी…

बेंगलुरु: कर्णाटक विधानसौदा में आज विश्वास मत पर वोटिंग होने की संभावना है. इस बीच ख़बर ये है कि कर्णाटक के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने बाग़ी विधायकों को आदेश दिया है कि वो उनके दफ़्तर में २३ जुलाई को सुबह 11 बजे मिलें. इस बारे में एक याचिका जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन नेताओं द्वारा डाली गई थी.

वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने दो निर्दलीय विधायकों की उस याचिका को जल्दी सुनने से इनकार कर दिया है जिसमें ये कहा गया था कि असेम्बली में जल्दी फ्लोर टेस्ट हो इसके लिए सुप्रीम कोर्ट डायरेक्शन दे. इसके पहले कर्णाटक के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीएस येदयुरप्पा विधानसौदा पहुँच चुके हैं. इसके पहले 19 जुलाई को कर्णाटक विधानसभा की कार्यवाही 22 जुलाई तक स्थगित कर दी गई थी.

बीच में इस तरह की ख़बरें भी चलीं जिसमें कहा गया कि कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री पद सिद्दरामैया को ऑफर किया है. कांग्रेस ने इस बात को कोरी अफ़वाह बताया. दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता बी एस येदुरप्पा ने कटाक्ष करते हुए कहा इस कुशासन का आज अंत हो जाएगा और हम मुख्यमंत्री की आख़िरी भाषण को बहुत ध्यान से सुनेंगे। मुख्यमंत्री कुमारास्वामी ने इसके पहले सदन की कार्रवाई के दौरान स्पीकर रमेश कुमार से कहा कि राज्यपाल के निर्देश पर जो भी फ़ैसला लेना है उससे आप मुझे आज़ाद करें और विश्वासमत पर वोटिंग का फ़ैसला आप ही तय करें।

ग़ौरतलब है कि राज्यपाल ने विश्वासमत के लिए जो आदेश मुख्यमंत्री को दिए थे उस पर फ़ैसला करने का अधिकार मुख्यमंत्री पर सौंप दिया था। राज्यपाल ने पहले 18 जुलाई को विश्वासमत की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया था, लेकिन कार्रवाई 19 जुलाई तक के लिए टल गयी थी। एक बार फिर राज्यपाल वाजुभाई वाला ने ये निर्देश दिया था कि सदन की कार्रवाई 19 जुलाई को 1 बजकर 30 मिनट तक पूरी कर दी जाए, लेकिन सदन 3 बजे तक स्थगित हो गया था और उसके बाद जब कार्रवाई शुरू हुई तो राज्यपाल ने निर्देश दिया कि अब कार्रवाई शाम 6 बजे तक पूरी की ही जाए।

लेकिन इन सारे निर्देशों के बाद भी सदन की कार्रवाई सोमवार तक के लिए स्थगित हो गयी है। एक ओर कांग्रेस के विधायक श्रीमंत पाटिल जो मुंबई में अपना इलाज करवा रहे हैं उनके पास भी कर्नाटक पुलिस पहुँच गयी है और इस बात की पुष्टि की गयी कि उन्हें भाजपा ने अगवा नहीं किया था। भाजपा के नेता बी एस येदुरप्पा ने तो अपनी ओर से विश्वास जताया था कि ये सरकार गिर जाएगी।

यहाँ तक कि कल येदुरप्पा और भाजपा के सभी विधायक विधानसभा में धरना देकर बैठे भी रहे थे। लेकिन अब सदन की कार्रवाई एक बार फिर टल गयी है। कर्नाटक का ये सियासी संकट कौन सा मोड़ लेगा इस बात के लिए सोमवार तक का इंतज़ार करना होगा। इस मुद्दे से जुड़ी अन्य ख़बरों के लिए पढ़ते रहिए भारत दुनिया..देश- विदेश की हर ज़रूरी ख़बर की अपडेट भारत दुनिया पर उपलब्ध है।

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